देश की खबरें | तोमर ने किसानों से आंदोलन खत्म करने की अपील की, कृषक आंदोलन के सात माह होने पर कई जगह प्रदर्शन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ अपने आंदोलन के सात महीने पूरे होने के मौके पर किसानों ने शनिवार को अनेक राज्यों में राज्यपालों के आवास तक मार्च निकालने का प्रयास किया, वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने उनसे आंदोलन समाप्त करने की अपील करते हुए तीनों विधेयकों के प्रावधानों पर वार्ता बहाल करने की पेशकश की।
नयी दिल्ली/चंडीगढ़, 26 जून केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ अपने आंदोलन के सात महीने पूरे होने के मौके पर किसानों ने शनिवार को अनेक राज्यों में राज्यपालों के आवास तक मार्च निकालने का प्रयास किया, वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने उनसे आंदोलन समाप्त करने की अपील करते हुए तीनों विधेयकों के प्रावधानों पर वार्ता बहाल करने की पेशकश की।
दिल्ली की अनेक सीमाओं पर करीब 40 किसान संगठन ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ (एसकेएम) के तहत प्रदर्शन कर रहे हैं। एसकेएम ने दावा किया कि हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश तथा तेलंगाना समेत कुछ राज्यों में प्रदर्शन के दौरान किसानों को हिरासत में लिया गया।
भारतीय किसान यूनियन के महासचिव युद्धवीर सिंह ने कहा, ‘‘सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य के बारे में बात नहीं करती। सरकार हमेशा कानूनों में संशोधन के बारे में बात करती है। हालांकि हम चाहते हैं कि इन कानूनों को निरस्त किया जाए। हम यह भी चाहते हैं कि एमएसपी पर एक कानून लाया जाए।’’
तोमर के हालिया बयानों को हैरान करने वाले और विरोधाभासी बताते हुए किसान संगठन ने कहा कि किसान नेता केंद्रीय कृषि कानूनों में निरर्थक संशोधन की मांग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को भाजपा को सजा देनी चाहिए।
एसकेएम की अनेक राज्यों के राज्यपालों को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपने की घोषणा के बाद राष्ट्रीय राजधानी और अन्य शहरों में सुरक्षा कड़ी कर दी गयी थी।
उत्तर प्रदेश के दूरदराज के गांवों के सैकड़ों किसान दिल्ली सीमा पर गाजीपुर पहुंचे। इनमें से अनेक ट्रैक्टरों पर सवार थे।
भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) नेता राकेश टिकैत के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी किसानों के एक समूह ने उप राज्यपाल अनिल बैजल से ऑनलाइन बातचीत के बाद उत्तर पूर्व दिल्ली के पुलिस उपायुक्त कार्यालय में अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। बीकेयू के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि किसानों ने दिल्ली के अपने प्रस्तावित मार्च को रद्द कर दिया।
उन्होंने ‘पीटीआई ’ से कहा, ‘‘ज्ञापन में तीन नये कृषि कानूनों को वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने के लिए एक कानून लागू करने की हमारी मांगें शामिल हैं।’’
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