देश की खबरें | पानी की समस्या को उठाने के लिए शिकायतों को शरीर पर बांधकर रेंगता हुआ सरकारी कार्यालय पहुंचा शख्स

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मध्य प्रदेश के सीहोर जिले का एक शख्स अपने गांव में पानी की कमी की समस्या को रेखांकित करने के लिए शिकायतों को अपने शरीर पर डोरी से बांधकर रेंगते हुए संभागीय आयुक्त के कार्यालय पहुंचा।

भोपाल, तीन अप्रैल मध्य प्रदेश के सीहोर जिले का एक शख्स अपने गांव में पानी की कमी की समस्या को रेखांकित करने के लिए शिकायतों को अपने शरीर पर डोरी से बांधकर रेंगते हुए संभागीय आयुक्त के कार्यालय पहुंचा।

बिशनखेड़ी निवासी बजरंगी ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा कि उसने यह अजीब तरीका इसलिए अपनाया क्योंकि उसके गांव में पानी तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती है। हालांकि अधिकारियों ने इस दावे का खंडन किया है।

उन्होंने कहा, “मैं पानी के लिए यहां आया हूं। मैंने गांव में पानी की समस्या को उजागर करने के लिए कलेक्टर, मंत्री और मुख्यमंत्री को आवेदन दिया था। जब कुछ नहीं हुआ, तो मैं शिकायतों को लेकर यहां आया हूं।”

बजरंगी ने अपने गांव के सरपंच पर समस्या को हल करने के प्रयासों को रोकने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने दावा किया कि पानी की कमी इतनी गंभीर है कि लोग, खासकर महिलाएं, शौच के लिए सिर्फ एक लोटा पानी ले जाने को मजबूर हैं।

हालांकि, जिले के अधिकारी बजरंगी के दावों से असहमत हैं।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिशासी अभियंता प्रदीप सक्सेना ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं को बताया कि अधिकारियों ने बुधवार को बिशनखेड़ी का दौरा किया और पाया कि सामुदायिक केंद्र के पास पानी की कमी थी।

उन्होंने कहा कि वहां एक बोरवेल खोदकर वैकल्पिक व्यवस्था की गई। अधिकारी ने कहा कि इस बोरवेल में एक पंप लगाकर पानी को एक टैंक में संग्रहीत किया जा रहा है।

अधिकारी ने कहा कि गांव की आबादी 2,100 है और इसमें 20 हैंडपंप हैं, जिनमें से 12 काम कर रहे हैं।

सक्सेना के अनुसार, गांव के अधिकांश घरों में अपना स्वयं का जल स्रोत है, जिससे अन्य ग्रामीण भी पानी लेते हैं।

यह पहली बार नहीं है जब मप्र में नागरिकों ने अपनी दुर्दशा को उजागर करने के लिए विरोध करने का अजीब तरीका अपनाया हो। पिछले साल जुलाई में, मंदसौर जिले में एक बुजुर्ग किसान ने कलेक्ट्रेट के फर्श पर लोटते हुए दावा किया कि कथित तौर पर भूमि हड़पने की उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

दिसंबर 2024 में, एक किसान, उसकी पत्नी और तीन बच्चे भूमि विवाद के कारण अपनी समस्या को उठाने के लिए देवास जिले के खातेगांव शहर में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) के कार्यालय परिसर में घुटनों के बल चलते हुए पहुंचे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

IPL 2026 Points Table With Net Run-Rate (NRR): राजस्थान रॉयल्स से जीतकर सातवें पायदान पर पहुंची दिल्ली कैपिटल्स, टॉप तीन पर इन टीमों का कब्जा, देखें अपडेट पॉइंट्स टेबल

DC vs RR, IPL 2026 62nd Match Scorecard: रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को 5 विकेट से दी करारी शिकस्त, केएल राहुल और अभिषेक पोरेल ने खेली ताबड़तोड़ अर्धशतकीय पारी; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

CSK vs SRH, IPL 2026 63rd Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा चेन्नई सुपरकिंग्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

Central Railway: RPF ने चार महीने में 584 बच्चों और जरूरतमंद लोगों को परिवार से मिलाया, 25 यात्रियों की बचाई जान