जरुरी जानकारी | आयकर विधेयक का मकसद कर निश्चितता हासिल करना, जटिलता कम करना: आयकर विभाग
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. आयकर विभाग ने बृहस्पतिवार को कहा कि नए आयकर विधेयक का मकसद मुकदमेबाजी और जटिल व्याख्या को कम करके कर निश्चितता हासिल करना है। यह विधेयक आकार में 1961 के आयकर अधिनियम का आधा है।
नयी दिल्ली, 13 फरवरी आयकर विभाग ने बृहस्पतिवार को कहा कि नए आयकर विधेयक का मकसद मुकदमेबाजी और जटिल व्याख्या को कम करके कर निश्चितता हासिल करना है। यह विधेयक आकार में 1961 के आयकर अधिनियम का आधा है।
लोकसभा में पेश किए गए नए विधेयक में 2.6 लाख शब्द हैं, जो मौजूदा आयकर अधिनियम के 5.12 लाख शब्दों से काफी कम हैं। इसमें धाराओं की संख्या भी 536 है, जबकि मौजूदा कानून में 819 प्रभावी धाराएं हैं।
आयकर विभाग ने आयकर विधेयक, 2025 के बारे में 'अक्सर पूछे जाने वाले सवाल' (एफएक्यू) जारी करते हुए कहा कि नए विधेयक में अध्यायों की संख्या भी 47 से आधी करके 23 कर दी गई है।
आयकर विधेयक, 2025 में 57 तालिकाएं हैं, जबकि मौजूदा अधिनियम में 18 हैं। नये विधेयक में 1,200 प्रावधान और 900 स्पष्टीकरण हटा दिए गए हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में विधेयक पेश करते हुए कहा कि इस विधेयक में ''काफी बदलाव'' किए गए हैं। शब्दों की संख्या 5.12 लाख से आधी कर दी गई है और धाराएं 819 से घटाकर 236 कर दी गई हैं।
आयकर विधेयक को लोकसभा की चयन समिति के पास भेजा गया और 10 मार्च तक अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है।
छूट और टीडीएस/टीसीएस से संबंधित प्रावधानों को सारणीबद्ध प्रारूप में रखा गया है, जबकि गैर-लाभकारी संगठनों के लिए अध्याय की को सरल बनाया गया है।
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