विदेश की खबरें | टीटीपी, पाकिस्तानी कबायली नेताओं के बीच तीन महीने का संघर्ष विराम समझौता

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और अफगानिस्तान की सीमा पर स्थित पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कबायली नेताओं के बीच तीन महीने का संघर्ष विराम समझौता हुआ है।

पेशावर, चार जून प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और अफगानिस्तान की सीमा पर स्थित पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कबायली नेताओं के बीच तीन महीने का संघर्ष विराम समझौता हुआ है।

समाचार पत्र ‘न्यूज इंटरनेशनल’ की एक खबर के अनुसार, अफगानिस्तान में तालिबान सरकार द्वारा समर्थित यह समझौता प्रतिबंधित टीटीपी और 53 सदस्यीय जिरगा (परिषद) के बीच पहले दौर की वार्ता के दौरान किया गया था। यह वार्ता शुक्रवार को काबुल में संपन्न हुई थी।

टीटीपी, जिसे पाकिस्तान तालिबान के रूप में भी जाना जाता है, अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर सक्रिय विभिन्न इस्लामी आतंकवादी समूहों का एक संगठन है।

जिरगा के एक सदस्य ने काबुल से लौटने पर यहां स्थानीय मीडिया को बताया कि वार्ता के दौरान दोनों पक्ष तीन महीने के संघर्ष विराम समझौते को लागू करने और वार्ता प्रक्रिया को जारी रखने पर सहमत हुए।

टीटीपी के प्रतिनिधि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कबायली क्षेत्रों के बसे हुए हिस्सों में विलय को समाप्त करने की अपनी मांग पर अड़े रहे। उन्होंने संगठन के सदस्यों को अफगानिस्तान से पाकिस्तान वापस भेजने की भी मांग की।

हालांकि, बातचीत के दौरान उनकी वापसी पर कोई निष्कर्ष नहीं निकला।

जिरगा के सदस्य ने कहा कि इस मुद्दे पर पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियां समय आने पर विचार-विमर्श करेंगी।

इस बीच, सूचना और प्रसारण मंत्री मरियम औरंगजेब ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने कबायली जिरगा और टीटीपी के बीच चल रही बातचीत के तहत संघर्ष विराम का स्वागत किया, जो अक्टूबर 2021 में शुरू हुई थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\