देश की खबरें | उप्र विधानमंडल का तीन दिवसीय सत्र बुधवार से, राजभर और रावत के निधन पर सदन शोक जतायेगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश विधानमंडल का वर्ष 2021-22 का चतुर्थ सत्र 15 दिसंबर, बुधवार से शुरू होकर 17 दिसंबर शुक्रवार तक के लिए प्रस्तावित किया गया है। इस बीच विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव राजभर और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष बिपिन रावत के निधन पर शोक प्रकट किया जाएगा और वित्तीय वर्ष 2021-22 के द्वितीय अनुपूरक अनुदानों की मांगें और वित्तीय वर्ष 2022-23 का आय-व्ययक (अंतरिम) तथा उसके एक भाग के लिए लेखानुदान सदन में प्रस्तुत होगा।
लखनऊ, 14 दिसंबर उत्तर प्रदेश विधानमंडल का वर्ष 2021-22 का चतुर्थ सत्र 15 दिसंबर, बुधवार से शुरू होकर 17 दिसंबर शुक्रवार तक के लिए प्रस्तावित किया गया है। इस बीच विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव राजभर और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष बिपिन रावत के निधन पर शोक प्रकट किया जाएगा और वित्तीय वर्ष 2021-22 के द्वितीय अनुपूरक अनुदानों की मांगें और वित्तीय वर्ष 2022-23 का आय-व्ययक (अंतरिम) तथा उसके एक भाग के लिए लेखानुदान सदन में प्रस्तुत होगा।
मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय से जारी बयान के अनुसार उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने बुधवार दिनांक-15 दिसम्बर, 2021 से प्रारम्भ हो रहे 2021-22 के चतुर्थ सत्र के द्वितीय अनुपूरक अनुदानों की मांगों एवं वित्तीय वर्ष 2022-23 का आय-व्ययक (अन्तरिम) तथा उसके एक भाग के लिए लेखानुदान को सदन में प्रस्तुत किये जाने पर विचार-विमर्श किया।
अध्यक्ष ने बताया कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में 15 दिसम्बर के कार्यक्रम पर विचार-विमर्श हुआ। दिनांक-15 दिसम्बर को विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव राजभर एवं प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत एवं उनके सहयोगियों की असामायिक निधन के निदेश लिये जायेंगे। अगले दिन 16 दिसम्बर को 11 बजे द्वितीय अनुपूरक मांगों एवं वित्तीय वर्ष 2022-23 के आय-व्ययक (अन्तरिम) तथा उसके एक भाग के लिए लेखानुदान प्रस्तुत किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि बजट के उपरांत प्रश्न लिये जायेंगे और उसके उपरांत सदन के एजेण्डा के अनुसार सामान्य कार्यक्रम सम्पन्न होगा। इसी दिन साढ़े चार बजे विधान सभा के सभी सदस्यों का फोटो समूह का आयोजन होगा। 17 दिसम्बर को सदन में द्वितीय अनुपूरक मांगों पर चर्चा एवं पारण किया जायेगा।
कार्यमंत्रणा की बैठक में विधानसभा के उपाध्यक्ष नितिन अग्रवाल, विधान सभा उत्तर प्रदेश एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, नेता विरोधी दल रामगोविंद चौधरी, बहुजन समाज पार्टी के नेता उमाशंकर सिंह और अपना दल (एस) के नेता, नील रतन पटेल के स्थान पर हरिराम ने बैठक में भाग लिया। कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ अपरिहार्य कारणों से सम्मिलित नहीं हो पायीं।
इसके पहले सोमवार को विधानसभा के सदस्यों को भेजे गये पत्र में विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे ने बताया कि राज्यपाल ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के द्वितीय अनुपूरक अनुदानों की मांगें और वित्तीय वर्ष 2022-23 का आय-व्ययक (अंतरिम) तथा उसके एक भाग के लिए लेखानुदान को सदन में प्रस्तुत करने के लिए 16 दिसंबर की तारीख तय की है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 14, 2021 07:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

