ताजा खबरें | संविधान संशोधन विधेयक सहित राज्यसभा में तीन विधेयक पेश
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन विधेयक सहित तीन विधेयक पेश किये जिनमें कुछ अपराधों में जेल की सजा के प्रावधान को हटाकर उनके स्थान पर अर्थदण्ड का प्रस्ताव किया गया है। दो अन्य विधेयक संविधान संशोधन विधेयक हैं जो आंध्र प्रदेश एवं ओड़िशा से संबंधित हैं।
नयी दिल्ली, पांच फरवरी सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन विधेयक सहित तीन विधेयक पेश किये जिनमें कुछ अपराधों में जेल की सजा के प्रावधान को हटाकर उनके स्थान पर अर्थदण्ड का प्रस्ताव किया गया है। दो अन्य विधेयक संविधान संशोधन विधेयक हैं जो आंध्र प्रदेश एवं ओड़िशा से संबंधित हैं।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन विधेयक पेश किया। इस विधेयक के 1974 के मूल कानून में संशोधन का प्रस्ताव है।
विधेयक के कारणों एवं उद्देश्य में कहा गया है कि इसमें आपराधिक प्रावधानों को तर्कसंगत बनाने तथा यह सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है कि नागरिक, कंपनियां एवं व्यापार छोटी, तकनीकी एवं प्रक्रियागत गलतियों के कारण कारावास के भय से मुक्त होकर काम कर सकें। विधेयक में कुछ मामूली अपराधों में कारावास के स्थान पर अर्थदंड का प्रावधान किया गया है।
इसमें कहा गया कि इस तरह से एकत्रित अर्थदंड की राशि को पर्यावरण संरक्षण कोष में जमा करवाया जाएगा। इसमें यह भी प्रावधान किया गया है कि अर्थदंड के मामले में सुनवाई करने वाला अधिकारी केंद्र सरकार के स्तर पर संयुक्त सचिव और राज्य सरकार के स्तर पर सचिव स्तर से कम रैंक का अधिकारी नहीं होना चाहिए।
उच्च सदन में आज जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने दो संविधान संशोधन विधेयक भी पेश किए। उनके द्वारा पेश किए गए संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (संशोधन) विधेयक 2024 में आंध्र प्रदेश में अनुसूचित जनजातियों की सूची में संशोधन का प्रस्ताव है। इसमें आंध्र प्रदेश की अनुसूचित जनजातियों की सूची में कुछ नयी जातियों को जोड़ने का प्रावधान है।
मुंडा ने संविधान (अनुसूचित जाति एवं जनजाति) आदेश (संशोधन) विधेयक 2024 भी पेश किया। उनके द्वारा पेश किए गए इस विधेयक में ओड़िशा में अनुसूचित जाति एवं जनजातियों की सूची में संशोधन का प्रस्ताव है। इसमें ओड़िशा की अनुसूचित जाति जनजातियों की सूचियों में कुछ नयी जातियों को जोड़ने का प्रावधान है।
माधव ब्रजेन्द्र मनीषा
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