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विशेष ट्रेनों में सवार होने के लिए हजारों श्रमिक गाजियाबाद पहुंचे

भारतीय रेलवे ने कुल 7200 प्रवासी श्रमिकों को गाजियाबाद स्टेशन से बिहार में पटना, मुजफ्फरपुर और रक्सौल और उत्तर प्रदेश में आजमगढ़, वाराणसी और गोरखपुर पहुंचाने के लिए दिन में छह विशेष ट्रेनों का इंतजाम किया था।

विशेष ट्रेनों में सवार होने के लिए हजारों श्रमिक गाजियाबाद पहुंचे
जमात

गाजियाबाद, 18 मई कोविड-19 के चलते लागू लॉकडाउन के बीच दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के अन्य नगरों से हजारों श्रमिक सोमवार को बिहार और उत्तर प्रदेश स्थित अपने घरों को जाने के वास्ते श्रमिक विशेष ट्रेनों के पास हासिल करने के लिए यहां शहर स्थित रामलीला मैदान पहुंच गए। इससे अफरातफरी और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई।

भारतीय रेलवे ने कुल 7200 प्रवासी श्रमिकों को गाजियाबाद स्टेशन से बिहार में पटना, मुजफ्फरपुर और रक्सौल और उत्तर प्रदेश में आजमगढ़, वाराणसी और गोरखपुर पहुंचाने के लिए दिन में छह विशेष ट्रेनों का इंतजाम किया था।

प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार श्रमिकों को शहर के बीचोंबीच स्थित रामलीला मैदान पहुंचना था ताकि वे ट्रेनों में सवार होने के लिए अपने पास ले सकें। उसके बाद इन श्रमिकों को बसों में रेलवे स्टेशन पहुंचाया जाना था।

तदनुसार श्रमिक ट्रेन के पास प्राप्त करने के लिए दिल्ली और एनसीआर के अन्य नगरों से रविवार शाम से और सोमवार सुबह में श्रमिक गाजियाबाद पहुंचने लगे और उनके साथ महिलाएं एवं बच्चे भी थे।

इसके परिणामस्वरूप 10 से 12 हजार से अधिक श्रमिक सोमवार दोपहर तक रामलीला मैदान पहुंच गए। इनमें से सैकड़ों मैदान में बने अस्थायी काउंटरों से पास प्राप्त करने के लिए पांच से छह पंक्तियों में खड़े हो गए और प्रत्येक कतार 500 से 600 मीटर लंबी थी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हजारों श्रमिक काउंटरों पर पंक्तियों में खड़े थे जबकि उनके परिवार के सदस्य एवं अन्य धूप में घंटों मैदान में बैठे रहे। इनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं जो भूखे और प्यासी थीं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वहीं कुछ अन्य मैदान में खड़ी बसों में बैठने के लिए पंक्तियों में खड़े हो गए यह मानकर कि उन्हें रेलवे स्टेशन ले जाया जाएगा। हालांकि घंटों इंतजार करने के बाद उन्हें यह जानकर निराशा हुई कि उन्हें कहीं नहीं ले जाया जाएगा।

मैदान में इंतजार कर रहे लोगों द्वारा कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए एकदूसरे से दूरी बनाये रखने के नियम या मास्क लगाने के नियम का पालन नहीं किया गया। साथ ही वहां मौजूद कुछ पुलिसकर्मी भी इस बारे में कुछ नहीं कर पाये।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस भी भीड़ को लेकर लापरवाह दिखी।

गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने हालांकि भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस द्वारा लापरवाह रवैया अपनाने के आरोपों को दरकिनार कर दिया। नैथानी ने पीटीआई से कहा, ‘‘कई हजार श्रमिक दिल्ली और एनसीआर के अन्य क्षेत्रों से यहां पहुंच गए। वे दिल्ली और गाजियाबाद की सीमा पर एकत्रित हुए थे। उनके रहने के लिए एक मॉल और दो फार्महाउस में इंतजाम किये थे।’’

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट संतोष कुमार वैश ने पीटीआई से कहा, ‘‘श्रमिकों की भारी भीड़ देखने के बाद जिला प्रशासन ने श्रमिकों को उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में पहुंचाने के लिए 100 बसों का भी इंतजाम किया।’’

उन्होंने कहा कि छह ट्रेनों में से दो गाजियाबाद से दिन में ही रवाना हो गई हैं जबकि दो शाम में रवाना होंगी और बाकी दो रात में रवाना होंगी।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 18, 2020 08:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).