देश की खबरें | स्थानीय लोगों के काला जादू के आरोप पर रूसी समूह ने कहा, गलतफहमी थी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गोवा में कुछ रूसी नागरिकों की ओर से पेश किए जा रहे एक नाटक को कुछ स्थानीय लोगों ने रुकवा दिया। उनका आरोप था कि रूसी नागरिक काला जादू कर रहे थे लेकिन विदेशियों ने मंगलवार को इस आरोप का खंडन करते हुए दावा किया कि गलतफहमी की वजह से ऐसा हुआ और वे तो राजा विक्रमादित्य की जिंदगी पर नाटक का मंचन कर रहे थे।

पणजी, सात फरवरी गोवा में कुछ रूसी नागरिकों की ओर से पेश किए जा रहे एक नाटक को कुछ स्थानीय लोगों ने रुकवा दिया। उनका आरोप था कि रूसी नागरिक काला जादू कर रहे थे लेकिन विदेशियों ने मंगलवार को इस आरोप का खंडन करते हुए दावा किया कि गलतफहमी की वजह से ऐसा हुआ और वे तो राजा विक्रमादित्य की जिंदगी पर नाटक का मंचन कर रहे थे।

यह घटना 30 जनवरी को उत्तर गोवा जिले की पेरनेम तालुका की है जब स्थानीय लोगों के एक समूह ने नाटक के मंचन को रुकवा दिया।

रूस की नागरिक ओल्गा माखनोवेत्सकी और बेलारूस के नागरिक मिकोला द्रेनिच ने खुद को थिएटर कलाकार और ‘रशियन स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स’ से स्नातक बताया है। उन्होंने पणजी में घटना को लेकर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने प्रस्तुति से पहले स्थानीय पंचायत को सूचित कर दिया था।

मखनोवेत्स्की ने कहा, “ हम वह गलतफहमी दूर करना चाहते हैं जो हमारी प्रस्तुति के दौरान काले जादू की अफवाह के चलते उत्पन्न हुई है। हम इसे पूरी तरह स्पष्ट करना चाहते हैं कि हम पादरी नहीं हैं और किसी भी धार्मिक संगठन के समर्थक नहीं है।”

उन्होंने बताया कि वह रूस के जाने-माने फिल्मकार यूरी मरिन की बेटी हैं। मरिन को ‘विंडो टू पेरिस’ के लिए जाना जाता है।

पेरनेम घटना पर उन्होंने कहा, “ हम सिर्फ प्रस्तुति देते हैं। हमारी प्रस्तुति की कहानी भारतीय महाकाव्य राजा विक्रमादित्य और शनि ग्रह के साथ उनकी सात साल की आजमाइश पर आधारित है।”

उन्होंने कहा कि पूरी कहानी भारतीय संस्कृति की मजबूत विरासत को बताती है जिसे ‘हम बहुत पसंद करते हैं।”

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