देश की खबरें | संबाद के ‘संगठित’ बैंक धोखाधड़ी में संलिप्त रहने के ‘पुख्ता सबूत’ हैं: ईओडब्ल्यू का दावा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने बुधवार को दावा किया कि उसके पास उड़िया दैनिक अखबार ‘संबाद’ के खिलाफ ‘सुनियोजित और संगठित बैंक धोखाधड़ी’ में लिप्त रहने के ‘पुख्ता’ सबूत हैं।

भुवनेश्वर, 20 सितंबर ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने बुधवार को दावा किया कि उसके पास उड़िया दैनिक अखबार ‘संबाद’ के खिलाफ ‘सुनियोजित और संगठित बैंक धोखाधड़ी’ में लिप्त रहने के ‘पुख्ता’ सबूत हैं।

भारतीय दंड संहिता की धारा 420(ठगी) और 120-बी (साजिश) के अलावा इसकी अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किये जाने के बाद जांच एजेंसी ने सोमवार को इस मीडिया हाउस के कार्यालय पर छापा मारा।

इस अखबार का स्वामित्व वरिष्ठ बीजद नेता और खंडपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक सौम्य रंजन पटनायक के पास है। संबाद ने ईओडब्ल्यू की कार्रवाई को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है।

ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा (जिसके अंतर्गत ईओडब्ल्यू कार्य करती है) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘जांच एजेंसी कर्ज/बैंक से संबंधित प्रासंगिक दस्तावेजों सहित कुछ विश्वसनीय दस्तावेज एकत्र/जब्त करने में समर्थ रही। हमने संबाद के कार्यालय में तलाशी के दौरान कुछ दस्तावेज भी जब्त किए हैं।’’

संबाद के संपादक पटनायक को राज्य सरकार और एक सचिव स्तर के अधिकारी के खिलाफ कुछ हस्ताक्षरित आलोचनात्मक संपादकीय लिखने के बाद बीजू जनता दल (बीजद) के उपाध्यक्ष पद से हटा दिया गया था।

ईओडब्ल्यू के अधिकारी ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में संबाद/ईस्टर्न मीडिया लिमिटेड के 350 से अधिक कर्मचारियों ने ओडिशा ग्राम्य बैंक की आईआरसी ग्राम शाखा से कर्ज लिया था। संबाद अधिकारियों ने कथित तौर पर अपने कर्मचारियों को बैंक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया जिसके बाद उनके नाम पर कर्ज स्वीकृत किए गए।

लेकिन अधिकारी ने कहा कि कर्ज लेने वालों (कर्मचारियों) को यह नहीं पता है कि उन्हें बैंक से कितना कर्ज मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि संबाद/ईएमएल ने कर्ज का भुगतान कई किस्तों में किया, लेकिन इसकी जानकारी कर्ज लेने वाले कर्मचारियों को नहीं थी। यही नहीं महीनों पहले कंपनी छोड़ चुके या इस्तीफा दे चुके कर्मचारियों के कर्ज की भी किस्त का भुगतान किया गया।

अधिकारी ने कहा, ‘‘अब तक की जांच और एकत्र किये गये सबूतों से एक बड़े सुनियोजित घोटाले का खुलासा हुआ है। करोड़ों रुपये के कर्ज की राशि मंजूर कराने के लिए फर्जीवाड़ा किया गया है जिनमें ठगी और जोर जबरदस्ती का तरीका भी शामिल है।

विपक्षी भाजपा और कांग्रेस ने राज्य की बीजद सरकार की कड़ी आलोचना की है लेकिन साथ ही ईओडब्ल्यू की कार्रवाई को ‘प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला’ करार दिया है। कई अधिकार कार्यकर्ताओं ने भी संबाद के खिलाफ पुलिस छापेमारी के खिलाफ आवाज बुलंद की है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शरत पटनायक ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनकी पार्टी ओडिशा में ‘प्रेस की आवाज’ को दबाने के प्रयासों को बर्दाश्त नहीं करेगी।

बीजद ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि ईओडब्ल्यू निष्पक्ष तरीके से जांच कर रही है।

बीजद प्रवक्ता लेलिन मोहंती ने कहा कि मीडिया हाउस कानून से ऊपर नहीं हैं और जो कोई भी कानून का उल्लंघन करेगा उसे दंडित किया जाएगा।

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