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देश की खबरें | छत्तीसगढ़ में खाद की कोई कमी नहीं : राज्य सरकार

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देश की खबरें | छत्तीसगढ़ में खाद की कोई कमी नहीं : राज्य सरकार

रायपुर, 14 जुलाई छत्तीसगढ़ सरकार ने कहा है कि राज्य में रासायनिक उर्वरकों की कोई कमी नहीं है तथा सभी प्रकार के रासायनिक उर्वरक सहकारी समितियों और निजी विक्रय केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।

अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि राज्य में रासायनिक उर्वरकों की कोई कमी नहीं हैं। खरीफ सीजन-2025 के लिए सभी प्रकार के रासायनिक उर्वरक सहकारी समितियों और निजी विक्रय केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।

उन्होंने बताया कि वैश्विक परिस्थिति के चलते डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) खाद के आयात में कमी को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा इसके विकल्प के रूप में अन्य रासायनिक उर्वरकों की भरपूर आपूर्ति और वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य में डीएपी की आपूर्ति में कमी से किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो इसको ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा इसके विकल्प के रूप में 1,79,000 बोतल नैनो डीएपी, एनपीके उर्वरक का लक्ष्य से 25 हजार मीट्रिक टन अधिक तथा एसएसपी का निर्धारित लक्ष्य से 50 हजार मीट्रिक टन का अतिरिक्त भंडारण किया गया है।

उन्होंने बताया कि पोटाश के निर्धारित लक्ष्य 60 हजार मीट्रिक टन के विरूद्ध अब तक 77 हजार मीट्रिक टन से अधिक म्यूरेट ऑफ पोटाश का भंडारण किया गया है। नैनो डीएपी जो कि ठोस डीएपी के विकल्प के रूप में बीज/थरहा, जड़ उपचार और बोआई/रोपाई के बाद खड़ी फसल में छिड़काव के लिए उपयोगी है। उसकी निरंतर आपूर्ति राज्य में सरकार द्वारा सुनिश्चित की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए डीएपी उर्वरक के निर्धारित 3.10 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के विरूद्ध अब तक एक लाख 63 मीट्रिक टन से अधिक का भंडारण हो चुका है। डीएपी की आपूर्ति निरंतर जारी है। अभी जुलाई माह में 48 हजार मीट्रिक टन डीएपी उर्वरक की आपूर्ति राज्य को होगी। राज्य के सहकारी क्षेत्र में उर्वरकों का भंडारण प्राथमिकता के आधार पर कराया गया है। राज्य के सहकारी क्षेत्र में डीएपी उर्वरक की उपलब्धता राज्य की कुल उपलब्धता का 62 प्रतिशत है।

राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि डीएपी खाद की कमी को लेकर किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके विकल्प के रूप में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अन्य रासायनिक उर्वरक जैसे- नैनो डीएपी, एनपीके और एसएसपी की भरपूर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

साय ने कहा है कि इंदिरा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों के सुझाव के अनुरूप किसान डीएपी के बदले उक्त उर्वरकों का प्रयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। सोसायटियों से किसानों को उनकी मांग के अनुसार खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण किया गया है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 14, 2025 10:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).