देश की खबरें | जम्मू कश्मीर में आतंकवादी बनने में अब कोई ‘ग्लैमर’ नहीं रहा : ले. जनरल पाण्डेय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डी पी पाण्डेय का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद संक्रमण काल के मुहाने पर है, क्योंकि इसने अपना पुराना ‘आकर्षण’ खो दिया है। उन्होंने आगे कहा कि ‘सफेदपोश आतंकवादी’ अब किशोरों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं, जिनमें अभी तक सही-गलत का निर्णय करने की समझ नहीं आयी है।
श्रीनगर, 10 अप्रैल सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डी पी पाण्डेय का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद संक्रमण काल के मुहाने पर है, क्योंकि इसने अपना पुराना ‘आकर्षण’ खो दिया है। उन्होंने आगे कहा कि ‘सफेदपोश आतंकवादी’ अब किशोरों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं, जिनमें अभी तक सही-गलत का निर्णय करने की समझ नहीं आयी है।
कश्मीर स्थित 15वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल पाण्डेय ने कहा कि 20 से 25 वर्ष की आयु के लोग समझ गए हैं कि ‘हिंसा से कुछ हासिल नहीं होने वाला है’ और इस तरह नए आतंकी रंगरूटों की संख्या निचले स्तर पर आ गयी है।
उन्होंने आगे कहा कि इतना ही नहीं, पिछले साल जनवरी से लेकर अब तक 330 आतंकवादी मारे गए हैं या उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है।
सैन्य कमांडर ने कहा कि आतंकवाद से लोग उब चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जतायी कि वह दिन दूर नहीं जब कश्मीर घाटी में आतंकवादियों को मिलने वाली रही-सही मदद भी समाप्त हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि समाज में आतंकवाद के विचार के प्रति चिढ़ हो गयी है और अब आतंकवादी बनने में अब कोई ‘ग्लैमर’ नहीं रहा।
उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवाद संक्रमण के मुहाने पर है और वह दिन दूर नहीं जब घाटी में आतंकवाद को बचा हुआ समर्थन भी खत्म हो जाएगा।’’
लेफ्टिनेंट जनरल पाण्डेय ने ‘पीटीआई-’ से कहा कि सुरक्षा बल दोतरफा रणनीति पर काम कर रहे हैं, एक तरफ तो वे स्थानीय युवाओं के आतंकी गतिविधियों से जुड़ने को कम कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आतंकवादी कैडर समाप्त करने में जुटे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम 2021 के दौरान स्थानीय भर्ती में एक तिहाई की कमी लाने में सक्षम हुए हैं।’’
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