एजेंसी न्यूज

देश की खबरें | चेक बाउंस मामलों में गुरुग्राम की अदालत के बारे में बहुत कुछ सुनने को मिल रहा : न्यायालय

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने गुरुग्राम की एक अदालत की ओर से घर खरीदारों के खिलाफ जारी आदेशों पर नाखुशी जताते हुए मंगलवार को कहा कि वह मामले की जांच करेगा, क्योंकि उसे उक्त अदालत के कामकाज के बारे में “बहुत कुछ सुनने को मिल रहा है”।

देश की खबरें | चेक बाउंस मामलों में गुरुग्राम की अदालत के बारे में बहुत कुछ सुनने को मिल रहा : न्यायालय

नयी दिल्ली, 22 जुलाई उच्चतम न्यायालय ने गुरुग्राम की एक अदालत की ओर से घर खरीदारों के खिलाफ जारी आदेशों पर नाखुशी जताते हुए मंगलवार को कहा कि वह मामले की जांच करेगा, क्योंकि उसे उक्त अदालत के कामकाज के बारे में “बहुत कुछ सुनने को मिल रहा है”।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने गुरुग्राम की जिला एवं सत्र अदालत के न्यायाधीश से चेक बाउंस मामलों में घर खरीदारों से धन की वसूली के लिए परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत जमानती और गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने के मामले की जांच करने को कहा।

पीठ ने कहा, “हमें गुरुग्राम की एक निचली अदालत के बारे में बहुत कुछ सुनने को मिल रहा है। हम इस पर गौर करेंगे और देखेंगे कि क्या किया जा सकता है।”

यह आदेश राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), खासतौर पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में विभिन्न आवासीय परियोजनाओं में सब्सिडी योजनाओं के तहत फ्लैट बुक कराने वाले 1,200 से अधिक घर खरीदारों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान आया।

याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि फ्लैट का कब्जा न मिलने के बावजूद बैंक उन्हें ईएमआई का भुगतान करने के लिए मजबूर कर रहे हैं।

कुछ घर खरीदारों ने अपने वकील के माध्यम से कहा कि गुरुग्राम की एक निचली अदालत विभिन्न आवासीय परियोजनाओं से जुड़े साधारण चेक बाउंस मामलों में उनके खिलाफ दंडात्मक आदेश पारित कर रही है और उन्हें फ्लैट का कब्जा देने में देरी हो रही है।

शीर्ष अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को एनसीआर के बिल्डर और उत्तर प्रदेश तथा हरियाणा के विकास प्राधिकरणों से घर खरीदने वाले लोगों को धोखा देने के लिए बैंकों और डेवलपर के बीच “साठगांठ” के सिलसिले में 22 नियमित मामले दर्ज करने की अनुमति दे दी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 22, 2025 09:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).