विदेश की खबरें | रूस के सैनिकों की वापसी समेत शांति समझौते के बिना यूक्रेन में कोई संघर्ष-विराम नहीं हो सकता: ब्लिंकन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. ब्लिंकन ने कहा कि ‘‘ऐसा युद्धविराम जो बस मौजूदा स्थिति पर रोकथाम लगाता है और (रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर) पुतिन को उनके कब्जे वाले क्षेत्र पर पकड़ मजबूत करने, फिर आराम करने और फिर हमला करने में सक्षम बनाता हो, यह एक न्यायसंगत और स्थायी शांति नहीं है।’’

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

ब्लिंकन ने कहा कि ‘‘ऐसा युद्धविराम जो बस मौजूदा स्थिति पर रोकथाम लगाता है और (रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर) पुतिन को उनके कब्जे वाले क्षेत्र पर पकड़ मजबूत करने, फिर आराम करने और फिर हमला करने में सक्षम बनाता हो, यह एक न्यायसंगत और स्थायी शांति नहीं है।’’

हाल में नाटो में शामिल हुए और रूस के साथ लंबी सीमा साझा करने वाले फिनलैंड की अपनी यात्रा के दौरान एक भाषण में ब्लिंकन ने कहा कि रूस को यूक्रेन के पुनर्निर्माण खर्च का एक हिस्सा भी अदा करना चाहिए और उसे फरवरी 2022 में अपने पड़ोसी पर हमला शुरू करने के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

ब्लिंकन के अनुसार रूस को उसके कब्जे वाले यूक्रेन के पांचवें हिस्से पर अधिकार रखने देने से रूस को और दुनियाभर में अन्य संभावित हमलावर देशों को गलत संदेश जाएगा।

उन्होंने कहा कि वाशिंगटन अन्य देशों द्वारा शांति प्रयासों का समर्थन करने के लिए तैयार है, जिनमें चीन और ब्राजील के हालिया प्रस्ताव शामिल हैं। ब्लिंकन ने कहा कि लेकिन किसी भी शांति समझौते में संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के सिद्धांतों को बरकरार रखना चाहिए।

रूस के बलों के खिलाफ यूक्रेन की मदद के लिए अमेरिका उसे हथियार आपूर्ति करता है।

खुद को इस मामले में तटस्थ बताने वाले और मध्यस्थ की भूमिका चाहने वाले चीन ने शुक्रवार को देशों से यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति रोकने को कहा।

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