देश की खबरें | संवेदनशील दस्तावेजों की चोरी : उच्च न्यायायल ने प्राथमिकी रद्द करने की पत्रकार की याचिका खारिज की

अहमदाबाद, 17 फरवरी गुजरात उच्च न्यायालय ने पत्रकार महेश लांगा द्वारा दायर उस याचिका को सोमवार को खारिज कर दिया, जिसमें गुजरात मैरीटाइम बोर्ड (जीएमबी) से संबंधित ‘‘अत्यधिक संवेदनशील और गोपनीय दस्तावेजों’’ को कथित रूप से चुराने के लिए उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का अनुरोध किया गया था।

न्यायमूर्ति दिव्येश जोशी की अदालत ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि तफ्तीश के दौरान जांच अधिकारी द्वारा एकत्र की गई सामग्री से प्रथम दृष्टया अपराध में याचिकाकर्ता की संलिप्तता का पता चलता है।

आदेश में कहा गया कि इसके अलावा, जांच अभी शुरुआती चरण में है और इस स्तर पर याचिकाकर्ता के पक्ष में अपनी शक्तियों का प्रयोग करना इस अदालत के लिए उचित नहीं होगा।

उच्च न्यायालय ने कहा कि तथ्य यह है कि ‘‘गुजरात मैरीटाइम बोर्ड के अत्यधिक संवेदनशील और गोपनीय दस्तावेज, जो सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत किसी भी व्यक्ति को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं’’, याचिकाकर्ता के परिसर से बरामद हुए और जब्त कर लिए गए।

याचिकाकर्ता ने भारतीय न्याय संहिता के तहत चोरी, आपराधिक साजिश, लोक सेवक को रिश्वत देने के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत लांगा और जीएमबी के एक अज्ञात अधिकारी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का अनुरोध किया था।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, अहमदाबाद अपराध शाखा ने छापेमारी के दौरान लांगा से जीएमबी से संबंधित दस्तावेज जब्त किए थे और सात अक्टूबर, 2024 को उनके और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच में पता चला था कि ये दस्तावेज जीएमबी के एक कर्मचारी द्वारा आरोपी को दिए गए थे।

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