देश की खबरें | महिला को घर के अंदर से गर्दन दबोच कर घसीट ले गया बाघ, खेत में मिला शव
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पीलीभीत के हजारा थानाक्षेत्र में बाघ घात लगाकर एक महिला को घर के अंदर से गर्दन दबोच कर गन्ने के खेत में घसीट ले गया। यह जानकारी अधिकारियों ने बुधवार को दी।
पीलीभीत (उप्र), चार जून पीलीभीत के हजारा थानाक्षेत्र में बाघ घात लगाकर एक महिला को घर के अंदर से गर्दन दबोच कर गन्ने के खेत में घसीट ले गया। यह जानकारी अधिकारियों ने बुधवार को दी।
अधिकारियों ने बताया कि बाघ ने महिला पर मंगलवार को उस समय हमला किया जब वह नल के पास बर्तन धो रही थी। उन्होंने बताया कि महिला का शव गन्ने के खेत से बरामद हुआ।
वन अधिकारियों ने बताया कि बाघ 45 वर्षीय महिला को उसके घर के अंदर से गर्दन दबोचकर घसीटकर ले गया, जिससे उसकी मौत हो गई। वन अधिकारियों ने बताया कि महिला का शव बाद में गन्ने के खेत से बरामद किया गया।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने खेत की घेराबंदी करके शोर मचाया तो बाघ महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। उन्होंने बताया कि जब लोग मौके पर पहुंचे तो महिला की मौत हो चुकी थी।
इस घटना से ग्रामीण आक्रोशित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग को तीन बार फोन किया गया, लेकिन वन विभाग की टीम डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची। लोगों का कहना है कि बाघ एक महीने से गांव के आसपास घूम रहा है, फिर भी वन विभाग ने कोई मदद नहीं की।
यह 25 दिनों में बाघ के हमले का तीसरा मामला है, जिसमें किसी व्यक्ति की मौत हुई है।
हजारा थानाध्यक्ष सिद्धार्थ उपाध्याय ने पत्रकारों को बताया कि मंगलवार रात को बाघ के हमले में एक महिला की मौत हो गई । उन्होंने बताया कि पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को बरामद करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार घटना पीलीभीत मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूर हजारा थाना क्षेत्र के वन रेंज सम्पूर्णानगर के शांति नगर गांव की है।
पुलिस के अनुसार रेंज से गांव की दूरी महज 20 किलोमीटर है। पुलिस के अनुसार शांति नगर गांव निवासी किसान राम किशोर की पत्नी रेशमा (45) घर के अंदर नल के पास बर्तन धो रही थी, तभी घात लगाए बैठे बाघ ने रेशमा पर हमला कर दिया और उसकी गर्दन दबोचकर घसीटकर ले गया।
पुलिस के अनुसार लोगों ने शोर मचाकर बाघ को भगाया और महिला का शव उसके घर से 600 मीटर दूर गन्ने के खेत में मिला।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर बाघ के हमले की घटना हुई, वह लखीमपुर के सम्पूर्णानगर वन रेंज से काफी नजदीक है। उनका कहना है कि यहां अक्सर बाघ आबादी के बीच घूमते नजर आते हैं, लेकिन लखीमपुर का वन विभाग बाघों की निगरानी के नाम पर हमेशा लापरवाह बना रहता है।
गत 18 मई को पीलीभीत के चतीपुर गांव निवासी राम प्रसाद की बाघ के हमले में मौत हो गई थी। उससे पहले 14 मई को नजीरगंज में किसान हंसराज बाघ के हमले में मारा गया था।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 04, 2025 09:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

