नयी दिल्ली, 24 मई देश में भीषण गर्मी के बीच 150 प्रमुख जलाशयों के भंडारण स्तर में लगातार गिरावट जारी है और यह कुल भंडारण क्षमता का 24 प्रतिशत रह गया है। पिछले वर्ष समान अवधि के दौरान के जल स्तर के मुकाबले मौजूदा जल स्तर में 21 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है।
केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने शुक्रवार को देश भर के 150 प्रमुख जलाशयों के ताजा भंडारण स्तर की स्थिति पर अपना साप्ताहिक बुलेटिन जारी किया, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में जल स्तर में भारी गिरावट दर्ज की गयी है।
दक्षिणी क्षेत्र, जिसमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु शामिल हैं, सबसे अधिक प्रभावित है। इन राज्यों में मौजूद 42 जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता 53.334 अरब क्यूबिक मीटर (बीसीएम) है। जबकि मौजूदा समय में इन जलाशयों का भंडारण स्तर गिरकर 7.455 बीसीएम रह गया है, जो कुल भंडारण क्षमता का 14 प्रतिशत है। यह पिछले साल के 25 फीसदी और सामान्य स्तर (कुल क्षमता का 20 फीसदी जल) से काफी कम है।
इन जलाशयों में कुल उपलब्ध भंडारण 43.293 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता का 24 प्रतिशत है।
यह पिछले वर्ष की समान अवधि के दौरान दर्ज 55.037 बीसीएम से 21 प्रतिशत की कमी दर्शाता है और यह 45.480 बीसीएम के सामान्य भंडारण से भी कम है।
इन जलाशयों का मौजूदा भंडारण पिछले वर्ष के भंडारण स्तर का 79 प्रतिशत और दस साल के औसत सामान्य भंडारण स्तर का 95 प्रतिशत दर्शाता है।
उत्तरी राज्यों हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान में 10 जलाशयों की निगरानी जारी है जिनकी कुल भंडारण क्षमता 19.663 बीसीएम है। लेकिन, वर्तमान में इन जलाशयों में केवल 5.554 बीसीएम भंडाकरण (कुल क्षमता का 28 प्रतिशत) है।
इसके विपरीत पूर्वी क्षेत्र, जिसमें असम, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, नगालैंड और बिहार शामिल हैं, थोड़ा सुधार दर्शाता है।
इस क्षेत्र के 23 जलाशयों की कुल क्षमता 20.430 बीसीएम है, जहां वर्तमान भंडारण 6.013 बीसीएम (कुल भंडारण क्षमता का 29 प्रतिशत) है।
गुजरात और महाराष्ट्र में पिछले वर्ष की तुलना में भंडारण का स्तर कम हो रहा है।
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