जरुरी जानकारी | खाद्य तेल-तिलहन कीमतों में सुधार का रुख
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बावजूद सस्ते आयातित तेलों की मांग सुधरने तथा कल रात शिकॉगो एक्सचेंज के 2.5 प्रतिशत मजबूत रहने के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को लगभग सभी तेल-तिलहनों के भाव मजबूत हो गये। मांग में सुधार और पिछले दो साल अच्छे भाव प्राप्त कर चुके किसानों द्वारा सस्ते भाव पर बिकवाली कम करने के कारण सरसों, सोयाबीन, मूंगफली तेल-तिलहन तथा बिनौला, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल के दाम सुधार दर्शाते बंद हुए।
नयी दिल्ली, 17 मार्च विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बावजूद सस्ते आयातित तेलों की मांग सुधरने तथा कल रात शिकॉगो एक्सचेंज के 2.5 प्रतिशत मजबूत रहने के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को लगभग सभी तेल-तिलहनों के भाव मजबूत हो गये। मांग में सुधार और पिछले दो साल अच्छे भाव प्राप्त कर चुके किसानों द्वारा सस्ते भाव पर बिकवाली कम करने के कारण सरसों, सोयाबीन, मूंगफली तेल-तिलहन तथा बिनौला, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल के दाम सुधार दर्शाते बंद हुए।
मलेशिया एक्सचेंज में 0.3 प्रतिशत की गिरावट थी जबकि शिकॉगो एक्सचेंज कल रात 2.5 प्रतिशत मजबूत बंद हुआ था और फिलहाल यहां गिरावट है।
बाजार सूत्रों ने कहा कि पिछले दो साल में किसानों को तिलहन फसल के अच्छे दाम मिलें हैं और वे सस्ते में अपनी उपज बेचने से कतरा रहे हैं। हालांकि, सरसों का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम बना हुआ है। तेल मिलों को देशी तेल की पेराई में नुकसान है क्योंकि पेराई के बाद देशी तेल की लागत अधिक बैठती है। इसलिए पेराई लगभग 50 प्रतिशत ही हो रही है। जिसकी वजह से सरसों खल का खुले बाजार में जो भाव पिछले साल इस समय लगभग 2,200-2,250 रुपये क्विंटल था वह इस बार बढ़कर 2,450-2,500 रुपये क्विंटल हो गया है। ठीक यही हाल बिनौला का भी है। पिछले साल एनसीडीईएक्स में बिनौला खल का स्टॉक 21.5 लाख बोरी का था जो इस साल घटकर लगभग दो लाख बोरी रह गया है। बिनौला तेल का थोक भाव 8-9 महीने पहले 160 रुपये किलो था वह घटकर अब 95 रुपये किलो रह गया है। बिनौला तेल सस्ता होने से बिनौला खली के दाम ऊंचे हो रहे हैं और इसी वजह से वायदा कारोबार में लगातार चौथे दिन एनसीडीईएक्स में अप्रैल अनुबंध वाले बिनौला खली के भाव में 2.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। खल की यही हालत बनी रही तो पशु आहार की दिक्कत रहेगी। समस्या का मुक्कमल हल सहकारी संस्था नाफेड से सरसों की खरीद करने से कहीं अधिक इस बात में है कि देशी तेल- तिलहनों का बाजार बनाने पर जोर दिया जाये। आयात शुल्कमुक्त खाद्य तेलों के दाम इतने सस्ते हैं कि बिनौला बाजार में खप नहीं रहा जिसकी वजह से बिनौला पेराई मिलें और जिंनिंग मिलें (बिनौला बीज निकालने वाली) कम काम कर रही हैं।
सूत्रों ने कहा कि इसी प्रकार सूरजमुखी जैसे आयातित हल्के खाद्य तेल का जो भाव आठ महीने पहले लगभग 200 रुपये लीटर था वह घटकर अब 87-88 रुपये लीटर रह गया हैं। आयातित सोयाबीन तेल का भाव भी 87-88 रुपये लीटर के आसपास है। इन सस्ते आयातित तेलों के भाव के सामने देशी सरसों तेल का भाव लगभग 115 रुपये लीटर तथा देशी सूरजमुखी तेल का भाव लगभग 135 रुपये लीटर बैठता है। 87-88 रुपये लीटर पर आयातित सूरजमुखी तेल के सामने सरसों (115 रुपये लीटर) और देशी सूरजमुखी (135 रुपये लीटर) को कैसे बाजार में खपाया जाये। देश के किसानों ने सरकार के आह्वान पर तिलहन उत्पादन तो बढ़ाया है, लेकिन अब उनके लिए देशी तेल-तिलहनों का बाजार बनाना सबसे अहम है। इसके लिए सबसे पहले सस्ते आयातित तेलों, विशेषकर सूरजमुखी और सोयाबीन जैसे नरम तेलों (सॉफ्ट आयल) के भाव को नियंत्रित करने के लिए उनपर आयात शुल्क को अधिकतम करना होगा और तभी बाजार की स्थिति ऐसी बनेगी कि देशी तेल- तिलहन खप पायेंगे।
शुक्रवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 5,275-5,325 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 6,780-6,840 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 16,600 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,540-2,805 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 11,050 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,715-1,785 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,715-1,845 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 11,300 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 11,200 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,700 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 8,850 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,500 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,400 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 9,45 0 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 5,200-5,350 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,960-5,010 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 17, 2023 08:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

