विदेश की खबरें | शीर्ष अदालत ने मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री की अपील पर दो दिन में सुनवाई शुरू करने का आदेश दिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. नजीब ने नए सबूत पेश करने की गुजारिश की थी जो उन्हें दोषी ठहराने वाले उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से संबंधित हैं। इनमें दावा किया गया है कि न्यायाधीश की पिछली नौकरी एक बैंक में थी जिसने ‘1मलेशिया डेवलपमेंट बेरहाद’ (1एमडीबी) राज्य कोष को वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराई थीं और इसी कारण वह पूर्वाग्रह से ग्रस्त हो सकते हैं।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

नजीब ने नए सबूत पेश करने की गुजारिश की थी जो उन्हें दोषी ठहराने वाले उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से संबंधित हैं। इनमें दावा किया गया है कि न्यायाधीश की पिछली नौकरी एक बैंक में थी जिसने ‘1मलेशिया डेवलपमेंट बेरहाद’ (1एमडीबी) राज्य कोष को वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराई थीं और इसी कारण वह पूर्वाग्रह से ग्रस्त हो सकते हैं।

नजीब ने 2009 में सत्ता में आने के बाद 1एमबीडी विकास कोष स्थापित किया था और इसमें भ्रष्टाचार को लेकर उन्हें दोषी ठहराया गया है।

संघीय अदालत की पांच सदस्यीय पीठ ने सर्वसम्मति से नजीब के आग्रह को खारिज कर दिया और अभियोजन की इस दलील से सहमति जताई कि उच्च न्यायालय के तत्कालीन न्यायाधीश मोहम्मद नज़लान मोहम्मद गज़ाली की पृष्ठभूमि सार्वजनिक थी। नज़लान अब अपीलीय अदालत में न्यायाधीश हैं।

मुख्य न्यायाधीश मैमून तुआन मत ने कहा कि अदालत को नज़लान की बैंक की नौकरी करने के दौरान उनकी भूमिका और नजीब के खिलाफ आरोपों में कोई संबंध नहीं मिला।

उन्होंने कहा, “ हम इस बात से सहमत नहीं है कि न्यायमूर्ति नज़लान के निष्कर्ष रिकॉर्ड पर लगाए गए सबूतों के अलावा किसी और चीज़ पर आधारित हैं।”

उन्होंने कहा कि पीठ को लगता है कि कोई नाइंसाफी नहीं हुई और नजीब शीर्ष अदालत में दायर अपनी अंतिम अपील में आरोपों को शामिल कर सकते हैं।

नजीब ने सुनवाई के बाद कहा कि वह ''हैरान और बेहद निराश'' हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि अतिरिक्त सबूतों से लगता है कि न्यायमूर्ति नज़लान काफी प्रभावित थे और उन्हें 1एमडीबी और एसआरसी के बीच लेनदेन के बारे में जानकारी थी।

अगर 69 वर्षीय नजीब की अपील खारिज की जाती है तो वह मलेशिया के पहले प्रधानमंत्री होंगे जिन्हें जेल जाना होगा। उन्हें उनकी अपील के लंबित रहने तक ज़मानत दी गई है।

संघीय अदालत ने नजीब को एक और झटका देते हुए बृहस्पतिवार से सुनवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं। नजीब की कानूनी टीम ने तैयारी के लिए और वक्त मांगा लेकिन अदालत ने इससे इनकार करते हुए कहा कि उन्हें तय की गई तारीख पर पेश होने के लिए तैयार रहना चाहिए। अदालत उनकी अंतिम अपील पर 26 अगस्त तक सुनवाई कर सकती है।

नजीब अभी भी सांसद हैं लेकिन अगर समय से पहले चुनाव होते हैं तो वह अपील के लंबित रहने के कारण चुनाव नहीं लड़ सकते ।

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