देश की खबरें | तृणमूल छात्र परिषद की निलंबित नेता ने कई छात्र नेताओं पर 'स्त्री-द्वेष’ रखने का आरोप लगाया
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कोलकाता, चार जुलाई तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) की निलंबित नेता राजन्या हलदर ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि छात्र नेताओं के एक बड़े वर्ग में ‘‘स्त्री-द्वेष’’ रवैया व्याप्त है।
टीएमसीपी सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का छात्र संगठन है।
हलदर हाल में कुछ टीवी टॉक शो में शामिल हुई थीं और उन्होंने एक विधि कॉलेज की प्रथम वर्ष की छात्रा के साथ एक पूर्व छात्र और दो अन्य छात्रों द्वारा किए गए सामूहिक बलात्कार की निंदा की थी तथा कहा था कि उन्हें "अपनी ही पार्टी में जमी गंदगी के खिलाफ" बोलने की आजादी होनी चाहिए।
टीएमसीपी की यादवपुर विश्वविद्यालय इकाई की पूर्व अध्यक्ष को पिछले साल अक्टूबर में एक लघु फिल्म के संबंध में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए निलंबित कर दिया गया था। इस फिल्म में वह मुख्य भूमिका में थीं और इसमें एक महिला पर की गई बर्बरता और उसके बाद की कहानी थी।
पिछले साल अगस्त में आर जी कर अस्पताल में एक महिला चिकित्सक से बलात्कार व उसकी हत्या की घटना से समानता होने के कारण लघु फिल्म ने विवाद खड़ा कर दिया था।
हलदर ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, "शहर और जिलों में छात्र इकाइयों में कई अन्य मनोजीत मिश्रा (विधि कॉलेज की घटना का मुख्य आरोपी) छिपे हुए हैं।”
उन्होंने कहा, “उन्होंने मेरे बारे में अश्लील, एआई से बनाई गई तस्वीरें आपस में साझा कीं, जो उनकी विकृत मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने हमारे संगठन में कनिष्ठों को भी तस्वीरें दिखाई हैं। ऐसे लोग शिकारी की तरह महिलाओं को छात्र संघों में अच्छे पद दिलाने का लालच देकर ब्लैकमेल करते हैं और संगठन को बदनाम कर रहे हैं।"
हलदर ने कहा, "मैंने छात्र संघ नेताओं के एक वर्ग द्वारा इस तरह के दुर्व्यवहार और दादागिरी (धमकी) के खिलाफ पार्टी के शीर्ष नेताओं का ध्यान आकर्षित किया है। मैंने कहा है कि ऐसे लोगों को बाहर करना चाहिए जो पार्टी को बदनाम कर रहे हैं और ममता बनर्जी सरकार के अच्छे कामों को दबा रहे हैं।"
उन्होंने ने कहा, "स्त्री-द्वेष रवैया वाले इन पुरुषों को किसी विशेष पार्टी से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। वे एक खतरा हैं और वे किसी भी राजनीतिक पार्टी का हिस्सा हो सकते हैं।"
हलदर की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर टीएमसीपी के प्रदेश अध्यक्ष त्रिनंकुर भट्टाचार्य ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘उन्होंने पहले कभी मेरे समक्ष यह मुद्दा नहीं उठाया था।’’
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