देश की खबरें | उच्चतम न्यायालय सेब के बागों को हटाने के आदेश के विरूद्ध दायर याचिका पर कल करेगा सुनवाई
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय सोमवार को शिमला के पूर्व उपमहापौर की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें सरकार को अतिक्रमित वन भूमि से फलदार सेब के बागों को हटाने के लिए हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय से मिले आदेश को चुनौती दी गयी है।
नयी दिल्ली, 27 जुलाई उच्चतम न्यायालय सोमवार को शिमला के पूर्व उपमहापौर की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें सरकार को अतिक्रमित वन भूमि से फलदार सेब के बागों को हटाने के लिए हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय से मिले आदेश को चुनौती दी गयी है।
प्रधान न्यायाधीश बी आर गवई, न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ पूर्व उपमहापौर टिकेन्द्र सिंह पंवार एवं कार्यकर्ता अधिवक्ता राजीव राय की याचिका पर सुनवाई करेगी।
याचिका में कहा गया है कि उच्च न्यायालय ने दो जुलाई को वन विभाग को सेब के बागों को हटाने और उनकी जगह वन प्रजातियां लगाने तथा अतिक्रमणकारियों से भू-राजस्व के बकाया के रूप में इसकी लागत वसूलने का आदेश दिया था।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उक्त आदेश मनमानापूर्ण एवं असंगत तथा संवैधानिक, वैधानिक और पर्यावरणीय सिद्धांतों के विरूद्ध है, जिसके कारण पारिस्थितिकी दृष्टि से नाजुक हिमाचल प्रदेश में अपरिवर्तनीय पारिस्थितिक एवं सामाजिक-आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए शीर्ष अदालत के हस्तक्षेप की जरूरत है।
याचिका में कहा गया है कि विशेष रूप से मानसून के मौसम के दौरान बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई से हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और मिट्टी के कटाव का खतरा काफी बढ़ जाता है। हिमाचल प्रदेश भूकंपीय गतिविधि और पारिस्थितिक संवेदनशीलता वाला क्षेत्र है।
याचिका में कहा गया है, ‘‘सेब के बाग महज अतिक्रमण नहीं हैं, बल्कि ये मृदा स्थिरता में योगदान देते हैं, स्थानीय वन्यजीवों के लिए आवास उपलब्ध कराते हैं और राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं तथा हजारों किसानों की आजीविका को सहारा देते हैं।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 27, 2025 03:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

