देश की खबरें | सीएनजी बस चलाने की अनुमति संबधी याचिका पर केंद्र से उच्चतम न्यायालय ने मांगा जवाब

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने सीएनजी में तब्दील 10 साल पुरानी डीजल बसों को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में चलाने की अनुमति संबंधी याचिका पर सोमवार को केंद्र सरकार से जवाब तलब किया।

नयी दिल्ली, 11 अप्रैल उच्चतम न्यायालय ने सीएनजी में तब्दील 10 साल पुरानी डीजल बसों को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में चलाने की अनुमति संबंधी याचिका पर सोमवार को केंद्र सरकार से जवाब तलब किया।

न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने सड़क परिवहन मंत्रालय और अन्य को नोटिस जारी किया। पीठ ने कहा, ‘‘नोटिस जारी कीजिए, जिस पर नौ मई तक जवाब दाखिल किया जाए।’’

शीर्ष अदालत उत्तर प्रदेश के निवासी पदम सिंह तोमर एवं अन्य की उस याचिका की सुनवाई कर रही थी जिसमें कहा गया है कि गाजियाबाद आरटीओ ने बुलंदशहर जिले में परिवहन कारोबार में शामिल सीएनजी बसों को चलाने की अनुमति देने के बजाय राज्य के सरकारी वकील का मंतव्य पूछा है।

याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों या मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत 10 साल पुरानी बसों के सीएनजी में तब्दील करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

एनजीटी ने सात अप्रैल, 2015 को दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 10 साल पुराने सभी डीजल वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी थी।

बाद में 18 और 20 जुलाई, 2016 को इसने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से 15 से 10 साल पुराने डीजल वाहनों का पंजीकरण रद्द करने का आदेश दिया था।

इसने कहा था कि 15 साल पुराने डीजल वाहनों का पंजीकरण सबसे पहले समाप्त किया जाना चाहिए और दिल्ली-एनसीआर के बाहर परिचालन के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र नहीं दिया जाएगा।

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