जरुरी जानकारी | शेयर बाजार में लगातार आठवें दिन गिरावट, चार माह के निचले स्तर पर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. तेल एवं गैस, दवा और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से घरेलू शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांक मंगलवार को लगातार आठवें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। यह इनका पिछले चार माह का सबसे निचला स्तर है।
मुंबई, 28 फरवरी तेल एवं गैस, दवा और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से घरेलू शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांक मंगलवार को लगातार आठवें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। यह इनका पिछले चार माह का सबसे निचला स्तर है।
मिले-जुले वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और घरेलू निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने से कारोबारी धारणा प्रभावित हुई और बाजारों में गिरावट जारी रही।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 326.23 अंक यानी 0.55 प्रतिशत गिरकर चार माह के निचले स्तर 58,962.12 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 492.38 अंक गिरकर 58,795.97 अंक पर आ गया था।
इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में भी 88.75 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी कारोबार के अंत में 17,303.95 अंक पर बंद हुआ।
यह लगातार आठवां कारोबारी दिन है जब दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। पिछले साढ़े तीन साल में पहली बार दोनों प्रमुख सूचकांकों में गिरावट का इतना लंबा दौर देखा गया है। इससे पहले मई, 2019 में लगातार नौ दिन बाजार में गिरावट रही थी।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में से रिलायंस इंडस्ट्रीज को सर्वाधिक दो प्रतिशत का नुकसान उठाना पड़ा। टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, आईटीसी, एनटीपीसी, भारती एयरटेल, टेक महिंद्रा, टाइटन, एक्सिस बैंक और बजाज फाइनेंस के शेयरों में भी गिरावट रही।
दूसरी तरफ एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, पावरग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा मोटर्स और एचडीएफसी के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया के कॉस्पी, जापान के निक्की और चीन के शंघाई कम्पोजिट में बढ़त रही जबकि हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुआ।
यूरोपीय बाजार दोपहर के कारोबार में गिरावट में थे। एक दिन पहले अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे।
विश्लेषकों का कहना है कि बाजार में निवेशकों की धारणा कमजोर होने से गिरावट बनी रही। मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंकाओं को देखते हुए कारोबारियों ने धातु और तेल-गैस शेयरों में बिकवाली पर जोर दिया।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती और मुद्रास्फीति का जोर रहने से वैश्विक निवेशकों की शेयर बाजारों में दिलचस्पी घट रही है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लिए दोहरी मार यह है कि यहां का बाजार अब भी अन्य बाजारों की तुलना में महंगा है जिससे इसका प्रदर्शन कमतर नजर आ रहा है।’’
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के उपाध्यक्ष (तकनीकी शोध) अजित मिश्रा ने कहा कि अत्यधिक बिकवाली होने के बाद भी बाजार को राहत मिलती हुई नहीं दिख रही है। हालांकि, पिछले कुछ सत्रों में गिरावट की रफ्तार कुछ धीमी जरूर हुई है।
वैसे व्यापक बाजार में बढ़त की स्थिति देखी गई। मिडकैप सूचकांक 0.60 प्रतिशत चढ़ गया जबकि स्मॉलकैप में 0.40 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.67 प्रतिशत चढ़कर 83 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
इस बीच, विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से निकासी जारी रखी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने सोमवार को शुद्ध रूप से 2,022.52 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 28, 2023 06:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

