देश की खबरें | दमकल कर्मियों की समझदारी की दुकानदारों ने सराहना की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के रानी झांसी बाजार में रविवार तड़के आग लगने से कई दुकानें जलकर खाक हो गईं। इस हादसे के गवाह दुकानदारों और कारोबारियों का दावा है कि अगर दिन में आग लगी होती तो कहीं तेजी से उस पर काबू पाया जा सकता था। साथ ही उन्होंने दमकलकर्मियों के साहस और सूझबूझ की प्रशंसा भी की।

नयी दिल्ली, 12 जून दिल्ली के रानी झांसी बाजार में रविवार तड़के आग लगने से कई दुकानें जलकर खाक हो गईं। इस हादसे के गवाह दुकानदारों और कारोबारियों का दावा है कि अगर दिन में आग लगी होती तो कहीं तेजी से उस पर काबू पाया जा सकता था। साथ ही उन्होंने दमकलकर्मियों के साहस और सूझबूझ की प्रशंसा भी की।

रानी झांसी बाजार के अध्यक्ष धर्मपाल अरोड़ा ने दावा किया कि इलाके के सभी दुकानदारों ने आग बुझाने वाले उपकरण रखे हैं, लेकिन आग तड़के लगी, जब सभी दुकानें बंद थीं और इसकी वजह से यह स्थिति उत्पन्न हुई।

अग्निशमन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मध्य दिल्ली के करोल बाग स्थित रानी झांसी बाजार में भीषण आग लग गई थी, जिस पर काबू पाने में पांच घंटे का समय लगा।

आग की लपटें सबसे पहले बाजार के सुरक्षा गार्ड ने देखीं और इसकी जानकारी व्यापारी संघ के अध्यक्ष को दी।

अरोड़ा ने कहा, ‘‘हमारे गार्ड कमल देव ने सबसे पहले आग देखी और हमें तड़के करीब चार बजकर 15 मिनट पर इसकी सूचना दी। हमने अग्निशमन विभाग और पुलिस को इसकी सूचना दी तथा करीब साढ़े चार बजे सुबह बाजार पहुंचे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब हम मौके पर पहुंचे तो आग फैल चुकी थी, लेकिन अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने उसे नियंत्रित किया। मेरी जूते-चप्पल की दुकान भी इस बाजार में है, लेकिन सौभाग्य से वह बच गई है।’’

अरोड़ा के मुताबिक, रानी झांसी बाजार में सभी दुकानदार आग बुझाने वाले उपकरण रखते हैं और हाल ही में आग लगने की एक घटना के दौरान उन्होंने इन उपकरणों का इस्तेमाल भी किया था।

उन्होंने बताया, ‘‘पिछले दिनों बिजली के मीटर में मामूली आग लग गई थी, जिसे दुकानदारों ने ही बुझा दिया, क्योंकि यहां सभी के पास आग बुझाने वाले उपकरण हैं।’’

अरोड़ा ने अफसोस जताते हुए कहा, ‘‘आग तड़के लगी, तब वहां कोई नहीं था। अगर घटना बाजार खुलने के बाद होती तो आग समय पर बुझाई जा सकती थी।’’

मॉडल टाउन निवासी सतनाम सिंह के रिश्तेदार की दुकान इस बाजार में है, जो जलकर खाक हो गई है। उन्होंने कहा कि वह अपना सब कुछ खो चुके हैं।

सिंह के अनुसार, ‘‘मेरे अंकल महेंद्र पार्क में रहते हैं। उनकी बाजार में 20 से 25 साल पुरानी दुकान है। उन्हें बाजार संघ के व्हाट्सऐप ग्रुप पर घटना की जानकारी मिली। उनकी तीन मंजिली दुकान थी, जिसके अंदर रखा सभी सामान जलकर खाक हो गया है।’’

अग्निशमन विभाग ने बताया कि आग पर सुबह नौ बजे काबू पा लिया गया था, लेकिन वहां ‘कूलिंग’ (संभावित चिंगारी आदि को बुझाने) का काम जारी है।

एक अन्य दुकानदार दिलीप कुमार ने बताया कि अग्निशमन कर्मियों ने उनकी दुकान का ताला तोड़कर पानी का छिड़काव उस ओर से किया, जहां से आग लगी थी। दिलीप को इस घटना की जानकारी बाजार संघ के व्हाट्सऐप ग्रुप पर मिली।

उन्होंने बताया, ‘‘मेरी दुकान उस इमारत के नजदीक है, जहां से आग शुरू हुई। मैं सुबह करीब साढ़े पांच बजे मौके पर पहुंचा, लेकिन उससे पहले ही अग्निशमन कर्मी ताला तोड़कर पानी का छिड़काव शुरू कर चुके थे।’’

दिलीप ने कहा, ‘‘अग्निशमन कर्मी सीढी से ऊपर गए और सामने वाली दुकान पर पानी का छिड़काव किया, जहां से आग शुरू हुई थी। इससे आग को नियंत्रित करने में मदद मिली। मैं अग्निशमन कर्मियों के कार्य की प्रशंसा करता हूं।’’

वहीं, गफ्फार मार्केट के महासचिव सतिंदर सिंह ने बताया कि शुरुआत में उनके पास कई फोन कॉल आए, क्योंकि अफवाह फैली थी कि आग गफ्फार मार्केट में लगी है। उन्होंने कहा कि वह फोन पर लोगों को कई घंटों तक दिलासा देते रहे कि आग गफ्फार मार्केट में नहीं, रानी झांसी बाजार में लगी है।

धीरज पारुल

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