देश की खबरें | महामारी के दौरान की गई चिकित्सा जगत की निस्वार्थ सेवा हमेशा याद रखी जाएगी : हर्षवर्धन

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भोपाल, 13 मार्च केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने शनिवार को कहा कि चिकित्सा जगत द्वारा कोविड-19 महामारी के दौरान की गई निस्वार्थ सेवा हमेशा याद रखी जाएगी।

भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के नवनिर्मित सभागार और अन्य सुविधाओं का लोकार्पण करने के बाद वह एक कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।

देश के कुछ राज्यों में कोरोना के बढ़ रहे मामलों की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ लोगों को अपने मुस्तैदी बनाए रखनी चाहिए और किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

हर्षवर्धन ने कहा कि देश ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में काफी सफलता हासिल की है और अगर हम इन्हीं उपायों पर चलते रहें तो जल्द ही कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हमें पूरी सफलता मिल जायेगी।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कोविड से निपटने में लोगों की लापरवाही के कारण देश में कोरोना वायरस के नये मामले धीरे-धीरे फिर से बढ़ रहे हैं।

उन्होंने महामारी के दौरान चिकित्सा क्षेत्र द्वारा की गई सेवाओं को याद करते हुए कहा कि देश में पिछले वर्ष कोरोना महामारी के दौरान चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति ने अपने जीवन की परवाह किये बगैर अविस्मरणीय योगदान दिया।

उन्होंने कहा,‘‘अपने जीवन का बलिदान करने वाले चिकित्सा क्षेत्र के लोगों की निस्वार्थ सेवा हमेशा याद रखी जाएगी।’’

हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘ये हमारे कोविड योद्धा हैं। एक साल तक इनके समर्पण, मेहनत और निस्वार्थ सेवा के कारण कोविड के खिलाफ जंग में भारत को एक अभूतपूर्व विजय की दिशा में बढ़ने का मौका मिला है।’’

उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा से जुड़े लोगों के परिवार ने भी इसमें अहम् भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि पिछले छह-सात सालों में देश भर में एमबीबीएस की तकरीबन 30,000 सीटें बढ़ी हैं। वहीं, मेडिकल में पीजी की सीटों में 24,000 की वृद्धि हुई है।

हर्षवर्धन ने कहा कि देश भर में 157 मेडिकल कॉलेज विकास के विभिन्न क्रम में हैं।

उन्होंने कहा कि देश के कई इलाकों में नए एम्स स्थापित हुए हैं, इनके बीच जनसेवा के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। भोपाल, जोधपुर जैसे नए एम्स संस्थानों को दिल्ली एम्स से प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए।

हर्षवर्धन ने बताया कि केन्द्र सरकार के इस वर्ष स्वास्थ्य बजट में 137 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई हैं।

उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक 1.75 करोड़ गरीब लोग मुफ्त इलाज करवा चुके हैं।

रावत

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