देश की खबरें | राज्‍यपाल के अभिभाषण को सत्‍ता पक्ष ने सराहा, विपक्ष ने आलोचना की

लखनऊ, पांच फरवरी उत्‍तर प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के तीसरे दिन सोमवार को राज्‍यपाल के अभिभाषण पर सत्ता पक्ष ने धन्‍यवाद प्रस्‍ताव लाकर जहां अभिभाषण की जमकर सराहना की, वहीं विपक्षी दल के सदस्यों ने इसकी आलोचना की।

विधानसभा में सोमवार को राज्‍यपाल के अभिभाषण पर सत्ता पक्ष की ओर से धन्‍यवाद प्रस्‍ताव भाजपा के नीरज बोरा ने रखा जिसका भाजपा की ही सरिता भदौरिया ने समर्थन किया।

बोरा ने कहा, ''राज्‍यपाल ने अपने अभिभाषण में उत्‍तर प्रदेश के नवजागरण काल की जीवंत तस्वीर को सदन के समक्ष रखा है।''

भाजपा सदस्य ने कहा, ''वर्ष 2024 प्रदेश वासियों के लिए सुख, शांति, समृद्धि और सम्पन्नता से परिपूर्ण हो, ऐसी शुभकामनाएं दी हैं। उन्‍होंने अपने अभिभाषण में गत 22 जनवरी को श्री अयोध्‍या धाम में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के विराजमान होने को भारतीय संस्कृति के गौरव की पुनर्प्रतिष्ठा बताया।''

बोरा ने कहा कि यह पुनर्प्रतिष्ठा देश-दुनिया के करोड़ों सनातनियों की आस्था का सम्मान है।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन उत्तर प्रदेश विधानमंडल के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए हाल ही में संपन्न हुए राम मंदिर के प्राणप्रतिष्ठा समारोह की विशेष तौर पर चर्चा करते हुए कहा, ''भारत के इतिहास में वर्ष 2024 अविस्मरणीय स्मृति के रूप में दर्ज हो गया है।''

उन्‍होंने कहा था, ''पूरा विश्व इस अलौकिक अवसर का गवाह बना और भारतीय जन आस्था के संकल्प की सिद्धि के प्रतीक श्री राम जन्मभूमि मंदिर की स्थापना भारत के सांस्कृतिक गौरव की पुनर्प्रतिष्ठा है।''

सदन में मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ सदस्य लालजी वर्मा ने राज्‍यपाल के अभिभाषण के प्रति धन्‍यवाद प्रस्‍ताव पर चर्चा के दौरान अभिभाषण की आलोचना की।

वर्मा ने कहा कि ''भाजपा की यह सरकार 2017 में भ्रष्‍टाचार मुक्त सरकार बनाने के नारे के साथ आयी, लेकिन सत्ता में आने के बाद यह सरकार हर मामले में फेल हो गयी। यह सरकार अपने वादों पर खरा नहीं उतरी। अभिभाषण में झूठ के आधार पर आंकड़े दिए गये।''

उन्‍होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने कर्तव्यों के निर्वहन में पूरी तरह से विफल हो गई।

वर्मा ने कहा, ''भगवान राम हिंदू धर्म के लोगों के लिए आराध्य हैं, लेकिन वे(भाजपा) भगवान राम के नाम पर पहाड़ा पढ़ा रहे हैं और स्वयं बधाई ले रहे हैं। वे हर मामले पर विफल हो गये हैं और राम के नाम का सहारा ले रहे हैं।''

सपा सदस्य तूफानी सरोज ने राज्‍यपाल के अभिभाषण का विरोध करते हुए सत्‍ता पक्ष पर तंज कसते हुए कहा, ''आप लोगों ने अभिभाषण में बड़े विस्तार से अयोध्‍या का जिक्र किया, लेकिन आप लोग बजरंगबली को भूल गये।''

सरोज ने कहा कि कर्नाटक में जब भाजपा के नेता भाषण देने उठते थे तो ‘जय बजरंग बली’ का नौ बार नारा लगाते थे, लेकिन सत्ता मिलने के बाद भूल जाते थे, इसलिए बजरंग बली ने कर्नाटक से भाजपा का सफाया कर दिया।

सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कहा कि मुलायम सिंह की सरकार में कारसेवकों पर गोलियां चलाई गई। इसके जवाब में सपा नेता ने कहा, ''आप भी संविधान में विश्वास करते तो यही (गोली चलवाते) करते।''

सरोज ने कहा कि ''राम मंदिर न्‍यायालय के फैसले से बन रहा है और यह तो नेताजी (मुलायम सिंह यादव) ने भी कहा था कि या तो मंदिर आपसी सहमति से बनेगा या न्‍यायालय के फैसले से।''

सत्ता पक्ष के शलभ मणि त्रिपाठी ने विपक्षी सदस्यों के व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा कि राज्‍यपाल महोदया जब अभिभाषण दे रही थीं, तब भी विपक्ष के सदस्यों का व्यवहार ठीक नहीं था।

त्रिपाठी ने कहा कि विपक्षी सदस्य जिस तरह राज्‍यपाल वापस जाओ के नारे लगा रहे थे, वह मातृशक्ति का अपमान था।

उन्‍होंने तूफानी सरोज पर निशाना साधते हुए कहा कि आज आपने यह कहकर एक पुराना जख्‍म कुरेद दिया कि ‘संविधान में विश्वास करते तो आप भी गोली चलवाते’। त्रिपाठी ने कहा कि किन युग पुरुष कल्‍याण सिंह को याद कीजिए जिन्होंने निहत्थे राम भक्तों पर गोली नहीं चलवाई, लेकिन अपनी सरकार को कुर्बान कर दिया।

राष्‍ट्रीय लोक दल के अशरफ अली ने अभिभाषण की आलोचना करते हुए कहा कि हमारे प्रदेश में बेरोजगारी बड़ी समस्या है जो विकराल रूप धारण कर रही है।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ सदस्य दुर्गा प्रसाद यादव ने भी अभिभाषण की आलोचना करते हुए सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया।

आनन्द

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