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जरुरी जानकारी | शेयर बाजारों में तेजी थमी, सेंसेक्स 150 अंक गिरा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. शेयर बाजारों में चार दिन से जारी तेजी का दौर बुधवार को कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच मुनाफावसूली से थम गया और मानक सूचकांक सेंसेक्स 150 अंक से ज्यादा गिर गया।

जरुरी जानकारी | शेयर बाजारों में तेजी थमी, सेंसेक्स 150 अंक गिरा

मुंबई, 29 जून शेयर बाजारों में चार दिन से जारी तेजी का दौर बुधवार को कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच मुनाफावसूली से थम गया और मानक सूचकांक सेंसेक्स 150 अंक से ज्यादा गिर गया।

विश्लेषकों के मुताबिक, विदेशी पूंजी की निकासी जारी रहने और रुपये में गिरावट का सिलसिला बने रहने से भी घरेलू शेयर बाजार प्रभावित हुए।

उतार-चढ़ाव से भरे कारोबारी सत्र में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 150.48 अंक यानी 0.28 प्रतिशत गिरकर 53,026.97 अंक पर आ गया। कारोबार के दौरान एक समय यह 564.77 अंक यानी 1.06 प्रतिशत तक टूटकर 52,612.68 अंक तक आ गया था।

इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 51.10 अंक यानी 0.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ 15,799.10 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 34 शेयर नुकसान में रहे।

इस तरह पिछले चार कारोबारी सत्रों से जारी तेजी का सिलसिला थम गया। पिछले चार सत्रों में सेंसेक्स 1,354 अंक और निफ्टी 436 अंक मजबूत हुआ था।

सेंसेक्स में शामिल 30 में से 20 शेयर घाटे में रहे। इंडसइंड बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व, विप्रो, एचसीएल टेक, टाइटन, कोटक महिंद्रा और बजाज फाइनेंस को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।

हालांकि, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, सन फार्मा, अल्ट्राटेक सीमेंट और आईटीसी के शेयरों में बढ़त रहने से सेंसेक्स को थोड़ा समर्थन मिला। एनटीपीसी में सर्वाधिक 2.46 प्रतिशत की तेजी रही जबकि रिलायंस के शेयर 1.98 प्रतिशत चढ़े।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के उपाध्यक्ष-शोध अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘बाजारों में फिर से उठापटक रही और ये करीब आधा प्रतिशत के नुकसान में रहे। कमजोर वैश्विक संकेतों ने कारोबारी धारणा पर असर डाला। हालांकि, कुछ बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीद होने से इस नुकसान की थोड़ी भरपाई हुई।’’

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि मुद्रास्फीति में अनियंत्रित एवं सतत वृद्धि से उपभोक्ताओं का भरोसा बहुत तेजी से गिर रहा है। हालांकि, कुछ प्रमुख कंपनियों में मजबूती रहने से नुकसान कम करने में मदद मिली।

व्यापक बाजार में बीएसई मिडकैप 0.70 प्रतिशत गिर गया, जबकि स्मॉलकैप 0.18 प्रतिशत के नुकसान में रहा। बाजार में सूचीबद्ध 1,781 कंपनियां नुकसान में रहीं जबकि 1,521 कंपनियां लाभ में रहीं और 148 के शेयरों के भाव अपरिवर्तित रहे।

एशिया के अन्य बाजारों में जापान के निक्की, चीन के शंघाई कंपोजिट, दक्षिण कोरिया के कॉस्पी और हांगकांग के हैंगसेंग में गिरावट दर्ज की गई।

यूरोप के बाजारों में भी दोपहर के सत्र में गिरावट का रुख रहा। अमेरिकी बाजार मंगलवार को नुकसान में रहे थे।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.31 प्रतिशत बढ़कर 118.3 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार गिरावट में है। रुपया बुधवार को पहली बार 79 प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की भारतीय बाजारों से निकासी जारी है। शेयर बाजारों से उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को एफआईआई ने 1,244.44 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

मिश्रा ने कहा, ‘‘बाजार बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी जीडीपी के आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देंगे और फिर उनकी तवज्जो मासिक डेरिवेटिव निपटान पर रहेगी।’’

प्रेम

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 29, 2022 05:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).