जरुरी जानकारी | रिजर्व बैंक ने 2025-26 के लिए मुद्रास्फीति के अनुमान को घटाकर चार प्रतिशत किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने मुद्रास्फीति के अनुमान को 4.2 प्रतिशत से घटाकर चार प्रतिशत कर दिया है।
मुंबई, नौ अप्रैल भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने मुद्रास्फीति के अनुमान को 4.2 प्रतिशत से घटाकर चार प्रतिशत कर दिया है।
केंद्रीय बैंक ने बेहतर कृषि उत्पादन और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति जनवरी-फरवरी, 2025 के दौरान कुल 1.6 प्रतिशत अंक घटकर दिसंबर, 2024 के 5.2 प्रतिशत से फरवरी, 2025 में 3.6 प्रतिशत के निचले स्तर पर आ गई थी।
फरवरी में खाद्य मुद्रास्फीति 21 महीने के निचले स्तर 3.8 प्रतिशत पर थी।
वित्त वर्ष 2025-25 की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति का रुख निर्णायक रूप से सकारात्मक हो गया है।
सब्जियों की कीमतों में पर्याप्त तथा व्यापक मौसमी गिरावट आई है।
गवर्नर ने कहा, ‘‘ मुद्रास्फीति के मोर्चे पर खाद्य मुद्रास्फीति में अपेक्षा से अधिक गिरावट ने हमें राहत और भरोसा दिया है। हालांकि, हम वैश्विक अनिश्चितताओं और मौसम संबंधी गड़बड़ियों से उत्पन्न संभावित खतरों को लेकर सतर्क हैं।’’
उन्होंने कहा कि रबी फसलों पर अनिश्चितताएं काफी कम हो गई हैं और दूसरे अग्रिम अनुमानों से पिछले वर्ष की तुलना में गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन और प्रमुख दालों के अधिक उत्पादन का संकेत मिलता है।
गवर्नर ने कहा कि खरीफ की मजबूत आवक के साथ-साथ खाद्य मुद्रास्फीति में स्थायी नरमी की उम्मीद है। मुद्रास्फीति में आने वाले समय में गिरावट का अनुमान है।
इसके अलावा, मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के मौद्रिक नीति वक्तव्य 2025-26 संकल्प में कहा गया कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट मुद्रास्फीति की दृष्टि से अच्छा संकेत है।
दूसरी ओर, वैश्विक बाजार में अनिश्चितताएं बनी रहने तथा प्रतिकूल मौसम संबंधी आपूर्ति व्यवधानों की पुनरावृत्ति के बारे में चिंताएं हैं, जिससे मुद्रास्फीति के बढ़ने का जोखिम है।
इन सभी कारकों और सामान्य मानसून के अनुमान को ध्यान में रखते हुए गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति चार प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसके पहली तिमाही में 3.6 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 3.9 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 3.8 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। जोखिम समान रूप से संतुलित हैं।
सरकार अगले सप्ताह खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी करेगी।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 09, 2025 11:22 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

