विदेश की खबरें | चीनी कंपनियों से म्यांमा मामलों की संरा दूत के संबंध की जांच हो: कार्यकर्ता समूह
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

एक रिपोर्ट में विशेष दूत की परामर्श कंपनी के चीनी खनन और निर्माण कंपनियों के साथ कथित संबंधों की जानकारी दी गई, जिसके बाद कार्यकर्ता समूहों ने यह मांग की है।

‘जस्टिस फॉर म्यांमा’ ने ऑस्ट्रेलिया के ‘द सैटरडे पेपर’ में प्रकाशित एक खबर के बाद संयुक्त राष्ट्र (संरा) महासचिव एंतोनियो गुतारेस को पत्र लिखा।

खबर में जूली बिशप के म्यांमा में संचालित चीनी सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियों के साथ संबंध होने की बात कही गयी है।

खबर प्रकाशित होने के बाद से कई अन्य समूह जांच की मांग कर रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया की पूर्व विदेश मंत्री और ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रीय विश्वविद्यालय की वर्तमान कुलपति जूली बिशप ने हालांकि संबंधों पर कोई टिप्पणी नहीं की।

वहीं जूली की परामर्श कंपनी को भेजे गए प्रश्न का भी कोई जवाब नहीं मिला। म्यांमा, गृहयुद्ध में उलझा हुआ है और देश के सैन्य शासक लोकतंत्र समर्थक और अन्य ताकतों से लड़ रहे हैं।

म्यांमा की सेना को हथियारों की आपूर्ति करने में चीन का बहुत बड़ा हिस्सा है। सेना ने 2021 में तख्तापलट कर लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित आंग सान सू को सत्ता से बाहर कर दिया था।

चीन समर्थित खनन और निर्माण परियोजनाएं भी म्यांमा की सैन्य सरकार के लिए राजस्व का एक प्रमुख स्रोत है।

जस्टिस फॉर म्यांमा ने गुतारेस को लिखे पत्र में कहा, “म्यांमा में चीन और अन्य कंपनियों के साथ जूली बिशप के संबंध ‘अस्वीकार्य हितों के टकराव’ को जन्म देते हैं, जिनकी सही तरीके से जांच होनी चाहिए।”

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