जरुरी जानकारी | विदेशों में तेजी से खाद्य तेल-तिलहनों के भाव में सुधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में खाद्य तेल कीमतों में तेजी के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन, बिनौला, सीपीओ, पामोलीन और सोयाबीन तेल कीमतों में सुधार दर्ज हुआ। दूसरी ओर सोयाबीन दिल्ली और सोयाबीन लूज की कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुईं।
नयी दिल्ली, 11 मई विदेशी बाजारों में खाद्य तेल कीमतों में तेजी के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन, बिनौला, सीपीओ, पामोलीन और सोयाबीन तेल कीमतों में सुधार दर्ज हुआ। दूसरी ओर सोयाबीन दिल्ली और सोयाबीन लूज की कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुईं।
बाजार सूत्रों ने बताया कि मलेशिया एक्सचेंज में तीन प्रतिशत की तेजी थी, जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में कल रात 1.5 प्रतिशत की तेजी रहने के बाद फिलहाल 1.5 प्रतिशत से अधिक की तेजी है।
सूत्रों ने कहा कि विदेशी तेलों में तेजी के अलावा देश में शुल्क घटाये जाने की चर्चा से विदेशी बाजारों में भाव बढ़ा दिए गए। उन्होंने कहा कि पिछले साल की समान अवधि के भाव के मुकाबले इस साल मई में सरसों तेल का मूल्य 15-20 रुपये लीटर कम है, जबकि मूंगफली तेल के भाव पिछले साल के स्तर पर ही हैं। तेल कीमतों में जिस तेजी की बात की जाती है, वह केवल आयात होने वाले विदेशी तेलों (सीपीओ, पामोलीन, सोयाबीन डीगम, सूरजमुखी) में ही है।
सूत्रों ने कहा कि सरकार ने सीपीओ, पामोलीन, सोयाबीन डीगम, सूरजमुखी जैसे आयात किये जाने वाले तेलों के आयात शुल्क में 40-50 रुपये प्रति किलो की कमी की है, लेकिन इसके बावजूद विदेशी तेलों के भाव ऊंचे बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरसों की अच्छी पैदावार होने से आयातित तेलों की महंगाई के कारण जो संकट पैदा हो सकता था वह फिलहाल टल गया है क्योंकि आयात होने वाले महंगे खाद्य तेलों के स्थान पर देश के गरीब से गरीब उपभोक्ता भी सबसे सस्ता सरसों तेल खरीद कर रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि सरसों की अच्छी पैदावार ने एक रोशनी दिखाई है कि आत्मनिर्भरता के लिए देश के अंदर तेल-तिलहन पैदावार बढ़ाना कितना अहम साबित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि देश में खाद्य तेलों की जमाखोरी होने की चिंता भी बेवजह है क्योंकि आयात पर कोई रोक नहीं है और खाद्य तेलों के भविष्य के आयात अनुबंधों की कीमत, मौजूदा दाम के मुकाबले कम हैं। ऐसे में कोई क्यों जमाखोरी का रास्ता चुनेगा। देशी तेल-तिलहन पहले ही सस्ते हैं।
बुधवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 7,615-7,665 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 6,885 - 7,020 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,850 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,650 - 2,840 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 15,300 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,405-2,485 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,445-2,555 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 17,050 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 16,450 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 15,550 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 15,300 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 15,650 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 16,900 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 15,700 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 7,050-7,150 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज 6,750- 6,850 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का) 4,000 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 11, 2022 07:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

