तेल, गैस खोज एवं उत्पादन से संबंधित प्रक्रिया हुई आसान, कई मामलों में स्वप्रमाणन आधार पर मंजूरी
हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय द्वारा 25 अप्रैल को जारी अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने तेल एवं गैस की खोज और उत्पादन के क्षेत्र में कारोबार करना सुगम बनाने के लिये यह व्यवस्था की है कि तेल एवं गैस खोजे जाने की सूचना तथा उसकी जांच के लिये मंजूरी की जरूरत नहीं होगी बल्कि इसके लिये कंपनी के स्व: प्रमाणन आधार पर दस्तावेज स्वीकार कर लिये जायेंगे।
नयी दिल्ली, 26 अप्रैल सरकार ने तेल एवं गैस खोज एवं उत्पादन के क्षेत्र में विभिन्न नियमों और अनुपालन जरूरतों को काफी सरल बनाया है। क्षेत्र में कई मामलों में निवेशकों को स्वप्रमाणन की सुविधा दी गई है। इसके तहत खोज की सूचना समेत कई अनुपालनों के लिये स्वप्रमाणन तथा तय समय सीमा के भीतर निवेश को लेकर सहमति मान लिये जाने जैसी कई तरह की छूट शामिल हैं।
हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय द्वारा 25 अप्रैल को जारी अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने तेल एवं गैस की खोज और उत्पादन के क्षेत्र में कारोबार करना सुगम बनाने के लिये यह व्यवस्था की है कि तेल एवं गैस खोजे जाने की सूचना तथा उसकी जांच के लिये मंजूरी की जरूरत नहीं होगी बल्कि इसके लिये कंपनी के स्व: प्रमाणन आधार पर दस्तावेज स्वीकार कर लिये जायेंगे।
इसके साथ ही स्वत: प्रमाणन के आधार पर दस्तावेज सौंपे जाने के 30 दिन पूरा होते ही यह मान लिया जाएगा कि संबंधित क्षेत्र में कार्य योजना तथा क्षेत्र विकास योजना अथवा इनमें संशोधन को मंजूरी मिल गयी है। सरकार से सिर्फ पेट्रोलियम की खोज करने अथवा खनन करने के लाइसेंस, हिस्सेदारी के हस्तांतरण तथा क्षेत्र में विस्तार के लिये ही मंजूरी लेने की जरूरत होगी।
हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय ने विभिन्न दस्तावेजों के सौंपे जाने के लिये मानक प्रारूप भी जारी किये हैं। महानिदेशालय ने नई तेल खोज लाइसेंसिंग नीति (नेल्प) से पहले के और नेल्प के तहत जारी तेल एवं गैस ब्लॉक में उत्पादन भागीदरी अनुबंध (पीएससी) के तहत प्रक्रियाओं को सरल बनाने के संबंध में विस्तृत अधिसूचना जारी की है।
देश में जितने भी तेल एवं गैस उत्पादन क्षेत्र में उनमें से करीब करीब सभी को या तो सीधे ओएनजीसी और आयल इंडिया को सीधे आवंटित किया गया है या फिर सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की कंपनियों को वर्ष 1990 के बाद से आयोजित विभिन्न बोलियों के दौर में आवंटित किया गया।
हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय ने 25 अप्रैल को जारी आदेश में कहा है, ‘‘तेल खोज एवं उत्पादन के क्षेत्र में कामकाज को सुगम और सरल बनाना सरकार के ध्यान में रहने वाले क्षेत्रों में से एक रहा है। ताकि इस क्षेत्र में निवेश और उत्पादन बढ़ाया जा सके।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 26, 2020 04:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

