जरुरी जानकारी | ज्यादातर तेल-तिलहन की कीमतें अपरिवर्तित रहीं
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में मिले-जुले रुख के बीच देश के तेल-तिलहन बाजारों में शुक्रवार को अधिकांश तेल तिलहनों के थोक दाम अपरिवर्तित बने रहे। भाव में मामूली सुधार के कारण सोयाबीन तिलहन कीमतों में सुधार दिखा जबकि बिनौलातेल कीमत में मामूली गिरावट रही।
नयी दिल्ली, छह अक्टूबर विदेशी बाजारों में मिले-जुले रुख के बीच देश के तेल-तिलहन बाजारों में शुक्रवार को अधिकांश तेल तिलहनों के थोक दाम अपरिवर्तित बने रहे। भाव में मामूली सुधार के कारण सोयाबीन तिलहन कीमतों में सुधार दिखा जबकि बिनौलातेल कीमत में मामूली गिरावट रही।
बाजार सूत्रों ने कहा कि सस्ते आयातित तेलों की बहुतायत के साथ खाद्यतेल कीमतों पर दबाव होने और त्योहारी मांग आने के बीच सरसों, मूंगफली तेल- तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
सोयाबीन तिलहन मंडियों में लूज कारोबार का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे रहने के बीच मामूली सुधार दिखा लेकिन सोयाबीन तिलहन का दाम अभी भी एमएसपी से कम बना हुआ है। दूसरी ओर आवक बढ़ने की वजह से बिनौला तेल की थोक कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज हुई। मंडियों में लगभग 76,000 बिनौला गांठ की आवक देखी गई।
सूत्रों ने कहा कि आयातित तेलों की बहुतायत होने के बीच खाद्य तेलों के थोक दाम गिरे हैं लेकिन तेल विक्रेता कंपनियों द्वारा अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) अधिक तय किये जाने की वजह से खुदरा बाजार में दाम अभी भी ऊंचे बने हुए हैं। उपभोक्ताओं को सभी प्रमुख खाद्यतेल महंगे में खरीदना पड़ रहा है। इस दिशा में ध्यान दिये जाने की जरुरत है।
शिकागो एक्सचेंज में बृहस्पतिवार को दिन के समय अधिक गिरावट थी लेकिन रात में स्थिति सुधरी और मामूली गिरावट रही थी। फिलहाल यहां सुधार का रुख है। दूसरी ओर मलेशिया एक्सचेंज में कोई खास घट-बढ़ नहीं है।
सूत्रों ने कहा कि सरसों की बुवाई शुरु होने वाली है लिहाजा सरकार को सरसों की बिक्री उस वक्त करने के बारे में सोचना होगा जब इसके दाम एमएसपी से ऊंचे चल रहे हों। वरना एमएसपी का कोई औचित्य नहीं होगा।
सूत्रों ने कहा कि सरकार को खाद्य तेलों को सस्ता बनाने के लिए सस्ते आयात का विकल्प चुनने के बजाय खाद्यतेलों के एमआरपी को दुरुस्त करवाने के बारे में सोचना होगा अन्यथा खाद्यतेलों को महंगा बेचे जाने पर रोक नहीं लगेगी। जरुरत होने पर सरकार को तेल कंपनियों और पैकरों को एक विशेष पोर्टल पर नियमित तौर पर खाद्यतेलों का एमआरपी घोषित करना अनिवार्य कर देना चाहिये।
शुक्रवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 5,475-5,525 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 7,275-7,325 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 17,500 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,570-2,855 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 10,100 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,720 -1,815 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,720 -1,830 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,480 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,380 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 7,875 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 7,650 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,375 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 8,900 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 8,000 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 4,685-4,785 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,285-4,485 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,015 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 06, 2023 10:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

