जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में दाम तेज होने से कुछ स्थानीय तेल तिलहन के भाव में सुधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में तेल तिलहन के भाव मजबूत होने से दिल्ली बाजार में शुक्रवार को सरसों दादरी, सोयाबीन दिल्ली, सोयाबीन डीगम, सीपीओ, पामोलीन तेल जैसे कुछ तेल-तिलहनों के भाव मजबूत हो गये। बाकी तेल तिलहनों के भाव अपरिवर्तित रहे।
नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर विदेशी बाजारों में तेल तिलहन के भाव मजबूत होने से दिल्ली बाजार में शुक्रवार को सरसों दादरी, सोयाबीन दिल्ली, सोयाबीन डीगम, सीपीओ, पामोलीन तेल जैसे कुछ तेल-तिलहनों के भाव मजबूत हो गये। बाकी तेल तिलहनों के भाव अपरिवर्तित रहे।
बाजार सूत्रों ने कहा कि खाद्यतेलों की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए आयात शुल्क कम करने के सरकार के फैसले के बाद विदेशों में खाद्यतेलों के भाव बढ़ा दिये गये जिससे स्थानीय कीमतों में सुधार हुआ है। दूसरा, कल (बृहस्पतिवार) रात सरकार ने आयात शुल्क मूल्य में भी वृद्धि की है। इसके तहत सीपीओ पर 45 रुपये क्विन्टल, पामोलीन पर 85 रुपये क्विन्टल तथा सोयाबीन डीगम तेल पर 26 रुपये प्रति क्विन्टल की वृद्धि की गई है। सरकार ने स्थानीय किसानों के हित में कैनोला तेल के आयात शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया है और इसकी दरें पूर्ववत 38.5 प्रतिशत बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में 1.8 प्रतिशत की तेजी रही जबकि शिकागो एक्सचेंज कल रात 1.4 प्रतिशत की तेजी के बाद फिलहाल 1.2 प्रतिशत की तेजी है।
सूत्रों ने कहा कि आयात शुल्क घटाने के बाद सोयाबीन डीगम का आयात भाव (कांडला बंदरगाह पर) 1,400 डॉलर प्रति टन से बढ़कर 1,470 डॉलर प्रति टन हो गया है। इसी कारण सोयाबीन दिल्ली और इंदौर के भाव में सुधार आया।
सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज की तेजी की वजह से सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में भी सुधार आया।
सलोनी शम्साबाद में सरसों दाना का भाव 8,750 रुपये क्विन्टल से बढ़ाकर 8,850 रुपये क्विन्टल कर दिया गया जबकि देश की मंडियों में सरसों की आवक घटकर 95,000 से एक लाख बोरी की रह गई है। इस वजह से सरसों दादरी के भाव मजबूत हो गये। उन्होंने कहा कि दशहरा के बाद सरसों तेल की मांग बढ़ेगी और अगली फसल आने में लगभग साढ़े चार से पांच महीने का समय है।
सूत्रों ने कहा कि आयात शुल्क में कमी किये जाने का सरसों पर कोई विशेष प्रभाव नहीं हुआ है क्योंकि इस तेल की मांग है और इसका कोई विकल्प नहीं है।
बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 8,720 - 8,745 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली - 6,285 - 6,370 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 14,300 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,080 - 2,210 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 17,525 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,650 -2,700 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,735 - 2,845 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 15,500 - 18,000 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,650 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,200 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,160
सीपीओ एक्स-कांडला- 11,110 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,350 रुपये।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,870 रुपये।
पामोलिन एक्स- कांडला- 11,780 (बिना जीएसटी के)।
सोयाबीन दाना 5,250 - 5,400, सोयाबीन लूज 4,050 - 5,050 रुपये।
मक्का खल (सरिस्का) 3,825 रुपये।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 15, 2021 04:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

