देश की खबरें | भ्रष्टाचार को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति ही रहेगी: गहलोत

जयपुर, पांच जनवरी राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार भ्रष्टाचार को लेकर 'बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने की नीति' ही रखेगी और भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ और अधिक मजबूती के साथ छापे पड़ेंगे।

गहलोत ने उदयपुर में संवाददाताओं से बातचीत में यह बात कही।

राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के हाल के उस आदेश के बारे में पूछे जाने पर जिसमें कहा गया है कि अदालत द्वारा दोषी ठहराये जाने तक रिश्वतखोरी के मामलों के आरोपियों के नाम और फोटो सार्वजनिक नहीं किया जाएगा, गहलोत ने कहा, ‘‘यह आदेश तो उच्चतम न्यायालय के एक आदेश की पालना में निकलवा दिया होगा और कोई मकसद नहीं, सरकार की मंशा वही है जो पहले थी।’’

उल्लेखनीय है कि एसीबी के इस आदेश को लेकर मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने सरकार पर निशाना साधा है। इस बारे में पूछे जाने पर गहलोत ने कहा, ‘‘एसीबी ने जितना राजस्थान में काम किया है, वैसा तो हिंदुस्तान में किसी ने नहीं किया होगा। अब उस पर (नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद) कटारिया साब कहेंगे कि करप्शन (भ्रष्टाचार) बहुत हो रहा है। इसका मतलब है कि हम लोग छापे न डालें, एसीबी कार्रवाई न करे ... तो मतलब भ्रष्टाचार है ही नहीं? मतलब ये लोग विपक्ष वाले उलटा चलते हैं ...इनकी बुद्धि उलटी काम करती है। हम लोग छापे डाल रहे हैं, बार बार.. उसकी तारीफ करना सिखा ही नहीं इन लोगों ने।’’

गहलोत ने कहा, ‘‘.. यह आदेश तो सिर्फ उच्चतम न्यायालय के आदेश की जो मंशा थी, उसकी पालना में निकलवा दिया होगा और कोई मकसद नहीं, सरकार की मंशा वही है जो पहले थी। भ्रष्टाचारियों पर और अधिक मजबूती के साथ छापे पड़ेंगे। राजस्थान में ‘जीरो टोलरेंस’ (बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने) की नीति रहेगी भ्रष्टाचार पर। वही भावना रहेगी और मीडिया पर (ऐसे मामलों को छापने की) कोई रोक नहीं है।’’

गहलोत ने कहा कि न्यायपालिका का सम्मान करना सबका कर्तव्य बनता है इसलिए ऐसा आर्डर निकालता पड़ता है। गहलोत ने कहा, ‘‘इस आदेश को दिखवा लेंगे और जरूरत पड़ी तो वापस ले लेंगे। इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। मंशा सरकार की वही है जो पहले थी।’’

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