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देश की खबरें | 'मुड़िया पूनो' के दौरान मंडल स्तरीय अधिकारी की अनुमति के बिना ट्रेन का प्लेटफार्म नहीं बदला जाएगा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मथुरा में शुक्रवार से शुरू हुए प्रसिद्ध 'मुड़िया पूनों' मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने निर्णय लिया है कि मेले के दौरान बिना मंडल स्तर के अधिकारी की अनुमति के किसी भी ट्रेन का प्लेटफॉर्म नहीं बदला जाएगा।

देश की खबरें | 'मुड़िया पूनो' के दौरान मंडल स्तरीय अधिकारी की अनुमति के बिना ट्रेन का प्लेटफार्म नहीं बदला जाएगा

मथुरा (उप्र), चार जुलाई मथुरा में शुक्रवार से शुरू हुए प्रसिद्ध 'मुड़िया पूनों' मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने निर्णय लिया है कि मेले के दौरान बिना मंडल स्तर के अधिकारी की अनुमति के किसी भी ट्रेन का प्लेटफॉर्म नहीं बदला जाएगा।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में चार से 11 जुलाई तक आयोजित होने वाले मुड़िया पूनो मेले में डेढ़ करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।

मण्डल रेल प्रबंधक तेज प्रकाश अग्रवाल एवं वरिष्ठ मण्डल रेल सुरक्षा आयुक्त पी राजमोहन 'मुड़िया पूनों' मेले के अवसर पर की गईं तैयारियों का जायजा लेने मथुरा जंकशन स्टेशन पहुंचे थे।

उन्होंने बताया कि स्टेशन पर भारी भीड़ होने पर किसी भी प्रकार की भगदड़ या ऊहापोह की स्थिति से बचने के लिए स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों को मण्डल स्तरीय अधिकारी की अनुमति के बिना ट्रेन का प्लेटफॉर्म बदलने की घोषणा करने की इजाजत नहीं होगी।

उन्होंने बताया कि ट्रेन का प्लेटफॉर्म बदलने के लिए स्थानीय रेलवे अफसर मण्डल के अधिकारियों को वास्तविक स्थिति से अवगत कराएंगे जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारी आवश्यक समझेंगे तो प्‍लेटफॉर्म बदलने की अनुमति देंगे।

अधिकारियों ने बताया कि करीब पांच माह पूर्व नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म परिवर्तन के चलते घटी घटना की पुनरावृति टालने के लिए ऐसा किया जा रहा है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर फरवरी में मची भगदड़ के कारण 18 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी और एक दर्जन से अधिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वे प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेले में जाने के लिए निकले थे।

उन्होंने बताया कि ‘मुड़िया पूनों’ मेले में भीड़ प्रबंधन के लिए यात्रियों को केवल प्रथम व तृतीय प्रवेश द्वार से ही प्रवेश दिया जाएगा तथा निकासी के लिए द्वितीय प्रवेश द्वार का उपयोग करना होगा।

इसी प्रकार, एक प्लेटफॉर्म से दूसरे पर जाने के लिए बने पुराने पुल का उपयोग केवल प्लेटफॉर्म पर पहुंचने के लिए किया जा सकेगा, जबकि नए पुल का उपयोग आने व जाने दोनों के लिए किया जा सकेगा।

उन्‍होंने बताया कि मेले के दौरान निगरानी के लिए 100 से अधिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और प्लेटफॉर्म संख्या एक पर बने नियंत्रण कक्ष से अधिकारी लगातार निगरानी करते रहेंगे।

मण्डल रेल प्रबंधक (आगरा) तेज प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि 'मुड़िया पूनो' मेले पर तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर चौबीस घण्टे प्राथमिक उपचार, चिकित्सा शिविर व खोया-पाया शिविर कार्य करते रहेंगे और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस भी उपलब्‍ध रहेंगी।

उन्होंने बताया कि छह दिशाओं से मथुरा की ओर आने वाली कई ट्रेन पांच से 12 जुलाई तक मेले के दिनों में 80 से 90 अतिरिक्त फेरे लगाएंगी तो 70 नियमित रेलगाड़ियों का मथुरा तक विस्तार किया जाएगा।

अधिकारियों के मुताबिक, इसी प्रकार, मेले के दौरान मथुरा जंक्शन पर प्रतिदिन संभावित रूप से आने वाले ढाई-तीन लाख परिक्रमार्थियों के लिए एक दर्जन ट्रेन में 40 अतिरिक्त कोच लगाए जाएंगे।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 04, 2025 10:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).