देश की खबरें | संसदीय समिति ने विदेश मंत्रालय के लिए निरंतर बजटीय आवंटन की पैरवी की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. संसद की एक स्थायी समिति ने कहा है कि वैश्विक मंच भारत के ‘‘बढ़ते कद’’ के लिए यह जरूरी है कि राजनयिक, आर्थिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में लगातार तथा अनुमानित निवेश किया जाए।
नयी दिल्ली, तीन फरवरी संसद की एक स्थायी समिति ने कहा है कि वैश्विक मंच भारत के ‘‘बढ़ते कद’’ के लिए यह जरूरी है कि राजनयिक, आर्थिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में लगातार तथा अनुमानित निवेश किया जाए।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में विदेश मंत्रालय को लगातार वित्तीय आवंटन की आवश्यकता पर जोर दिया है और सिफारिश की है संबंधित प्रमुख क्षेत्रों को बजटीय कटौती से बचाया जाए।
समिति ने इस बात का उल्लेख किया है कि बांग्लादेश की सहायता के लिए बजटीय आवंटन 2023-24 में अनुमानित 200 करोड़ रुपये से घटकर बजट 2024-25 में 120 करोड़ रुपये हो गया है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि आवंटन में इस गिरावट का कारण बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का पूरा होना और बांग्लादेश में वर्तमान समय की ‘‘राजनीतिक एवं सुरक्षा स्थिति’’ है।
अनुदान मांगों (2024-25) पर समिति की चौथी रिपोर्ट सोमवार को संसद में पेश की गई।
इसमें कहा गया कि वर्षों से बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच असमानताओं को देखते हुए समिति सिफारिश करती रही है कि विदेश मंत्रालय के कामकाज के लिए पर्याप्त और समय पर वित्तीय आवंटन आवश्यक है।
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