एजेंसी न्यूज

जरुरी जानकारी | संसदीय समिति ने नकली कृषि रसायनों के उत्पादन, बिक्री को रोकने के लिए नियमों को सख्त करने को कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. नकली कीटनाशकों की बिक्री से चिंतित एक संसदीय समिति ने सरकार से नकली कृषि रसायनों के उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर रोक लगाने के लिए कड़े दंड के प्रावधानों के साथ नियम सख्त बनाने को कहा है।

जरुरी जानकारी | संसदीय समिति ने नकली कृषि रसायनों के उत्पादन, बिक्री को रोकने के लिए नियमों को सख्त करने को कहा

नयी दिल्ली, 23 जुलाई नकली कीटनाशकों की बिक्री से चिंतित एक संसदीय समिति ने सरकार से नकली कृषि रसायनों के उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर रोक लगाने के लिए कड़े दंड के प्रावधानों के साथ नियम सख्त बनाने को कहा है।

बुधवार को एक प्राक्कलन समिति ने कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से जलवायु अनुकूल खेती, प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के संबंध में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की।

समिति ने ‘‘नकली कीटनाशकों के विस्तार और कृषि पर उनके हानिकारक प्रभावों’’ के बारे में गंभीर चिंताएं जताईं।

समिति ने राज्यस्तर पर कीटनाशक निरीक्षकों की संख्या बढ़ाने और केंद्रीय स्तर पर निगरानी अधिकारियों की क्षमता को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

इसने गुणवत्तापूर्ण कीटनाशकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए परीक्षण सुविधाओं का विस्तार और सुधार करने का भी सुझाव दिया।

समिति ने कहा कि कीटनाशक अधिनियम की धारा 29 के तहत ‘गलत ब्रांड वाले’ कीटनाशकों से संबंधित अपराधों के लिए दंड, अपराधियों को रोकने के लिए अपर्याप्त हैं। इसने कम दोषसिद्धि दर पर भी चिंता व्यक्त की।

वर्ष 2019-20 और वर्ष 2023-24 के बीच, विश्लेषण किए गए 3,60,614 नमूनों में से 9,233 गलत ब्रांड वाले पाए गए, जिसके परिणामस्वरूप 2,588 अभियोजन हुए और केवल 185 दोषसिद्धि हुईं।

रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘समिति कम दोषसिद्धि दर को लेकर बहुत चिंतित है और कीटनाशक अधिनियम के तहत उल्लंघनों से निपटने के लिए कड़े नियमों की तत्काल आवश्यकता की सिफारिश करती है।’’

समिति ने सिफारिश की कि नकली कीटनाशकों के उत्पादन, वितरण और उपयोग पर अंकुश लगाने के लिए नियमों को सख्त बनाया जाना चाहिए, ‘‘कीटनाशक अधिनियम, 1968 में संशोधन करके कड़े दंड के प्रावधान शामिल किए जाने चाहिए ताकि बार-बार उल्लंघन करने वालों को जवाबदेह ठहराया जा सके।’’

समिति ने इस समस्या के समाधान के लिए उठाए गए कदमों के बारे में कृषि मंत्रालय से स्पष्टीकरण मांगा।

मंत्रालय ने समिति को बताया कि 25 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में 11,080 राज्य-स्तरीय कीटनाशक निरीक्षक हैं, जिनकी वार्षिक परीक्षण क्षमता 77,040 नमूनों की है।

केंद्र सरकार 207 केंद्रीय कीटनाशक निरीक्षकों को तैनात करती है, और चंडीगढ़ और कानपुर में दो क्षेत्रीय कीटनाशक परीक्षण प्रयोगशालाएं हैं, जिनकी संयुक्त वार्षिक क्षमता 3,100 नमूनों की है।

किसी भी विवादित नमूने को फरीदाबाद स्थित केंद्रीय कीटनाशक प्रयोगशाला (सीआईएल) भेजा जाता है, जो सालाना 1,600 नमूनों की जांच करती है। यदि नमूने आवश्यक मानकों पर खरे नहीं उतरते, तो अभियोजन शुरू किया जाता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 23, 2025 07:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).