देश की खबरें | पंजाब महिला आयोग की अध्यक्ष को हटाने का आदेश वापस लिया जाएगा: राज्य सरकार ने अदालत से कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पंजाब सरकार ने बुधवार को यहां पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय को सूचित किया कि वह मनीषा गुलाटी को राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष के पद से हटाने का आदेश वापस लेगी। गुलाटी की अधिवक्ता ने यह जानकारी दी।

चंडीगढ़, 15 फरवरी पंजाब सरकार ने बुधवार को यहां पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय को सूचित किया कि वह मनीषा गुलाटी को राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष के पद से हटाने का आदेश वापस लेगी। गुलाटी की अधिवक्ता ने यह जानकारी दी।

इसके पहले गुलाटी ने मंगलवार को राज्य सरकार के 31 जनवरी के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में गुहार लगाई थी। राज्य सरकार ने सितंबर 2021 के उस पत्र को वापस लेकर उन्हें हटाने का कदम उठाया था जिसमें उन्हें मार्च, 2024 तक का सेवा विस्तार दिया गया था।

गुलाटी के वकील चेतन मित्तल ने कहा, ‘‘आज जब मामले को अदालत में लाया गया, तो पंजाब सरकार ने बयान जारी करके कहा कि वह खुद से आज अपना आदेश वापस ले रही है।’’

उन्होंने कहा कि इसी के साथ मनीषा गुलाटी अपने पद पर बहाल हो जाएंगी। गुलाटी को मार्च 2018 में अमरिंदर सिंह की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार में महिला आयोग का प्रमुख बनाया गया था। सिंह फिलहाल भाजपा में हैं।

इसके पहले पंजाब सरकार ने गुलाटी को हटाने वाले अपने पत्र में कहा था कि महिला आयोग की वर्तमान अध्यक्ष और इसके सदस्यों के कार्यकाल में तीन साल की अवधि से आगे सेवा विस्तार का कोई प्रावधान नहीं है।

राज्य सरकार के आदेश को गुलाटी ने चुनौती देते हुए दलील दी कि किसी सरकार के पास नियुक्ति की शक्ति में सेवा विस्तार करने की शक्ति भी शामिल है।

गुलाटी ने बुधवार को ट्वीट किया, ‘‘सत्यमेव जयते।’’

गुलाटी के वकील मित्तल ने कहा कि याचिकाकर्ता को हटाने से पहले कोई कारण बताओ नोटिस या सुनवाई का कोई अवसर नहीं दिया गया था।

मित्तल ने कहा कि अधिनियम में अध्यक्ष की अयोग्यता के लिए चार-पांच आधार हैं, लेकिन उन्हें हटाते समय इनमें से किसी का भी उल्लेख नहीं किया गया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now