ताजा खबरें | कांग्रेस सहित विपक्ष को गरीब की भूख की चिंता नहीं, सत्ता की भूख दिमाग पर सवार : मोदी
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अविश्वास प्रस्ताव लाने पर कांग्रेस सहित विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि विपक्ष के लिए देश से बड़ा दल है, इन्हें गरीब की भूख की चिंता नहीं बल्कि सत्ता की भूख ही दिमाग पर सवार है।
नयी दिल्ली, 10 अगस्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अविश्वास प्रस्ताव लाने पर कांग्रेस सहित विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि विपक्ष के लिए देश से बड़ा दल है, इन्हें गरीब की भूख की चिंता नहीं बल्कि सत्ता की भूख ही दिमाग पर सवार है।
उन्होंने कहा कि इस अविश्वास प्रस्ताव से तय हो गया है कि जनता 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा और राजग को पहले के सारे रिकॉर्ड तोड़कर बहुमत देगी।
लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘ देश की जनता ने हमारी सरकार के प्रति बार-बार जो विश्वास जताया है, उसके लिए मैं आज आभार व्यक्त करता हूं।’’
उन्होंने कहा कि भगवान बहुत दयालु हैं और भगवान की मर्जी होती है तो वो किसी न किसी के माध्यम से अपनी इच्छा की पूर्ति करते हैं। उन्होंने कहा कि एक तरह से विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव सत्ता पक्ष लिए शुभ होता है।
मोदी ने कहा, ‘‘ मैं आज देख रहा हूं कि आपने तय कर लिया है कि राजग और भाजपा 2024 के चुनाव में पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़कर भव्य विजय के साथ जनता के आशीर्वाद से वापस आएगी।’’
कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष ने सिद्ध कर दिया है कि देश से बड़ा उनके लिए दल है, देश से पहले उनकी प्राथमिकता दल है।
उन्होंने कहा, ‘‘ मैं समझता हूं कि आपको गरीब की भूख की चिंता नहीं है, सत्ता की भूख ही आपके दिमाग पर सवार है। आप जुटे हैं तो अपने कट्टर भ्रष्ट साथी की शर्त पर मजबूर होकर जुटे।’’
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विपक्ष के प्रस्ताव पर यहां तीन दिनों से अलग-अलग विषयों पर काफी चर्चा हुई है और अच्छा होता सदन की शुरुआत के बाद से ही विपक्ष ने गंभीरता के साथ सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया होता।
मोदी ने कहा कि संसद में आदिवासियों, गरीबों, युवाओं के भविष्य से जुड़े इतने महत्वपूर्ण विधेयक पिछले दिनों पारित हुए, लेकिन विपक्ष की रुचि केवल राजनीति में है और उन्होंने इन पर चर्चा में शामिल नहीं होकर जनता से विश्वासघात किया है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं, ‘‘जब हम जनता के पास गए तो जनता ने भी पूरी ताकत के साथ इनके लिए अविश्वास घोषित कर दिया।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ अविश्वास प्रस्ताव हमारी सरकार का फ्लोर टेस्ट नहीं है, बल्कि ये उन्हीं का फ्लोर टेस्ट है।’’
विपक्ष पर प्रहार जारी रखते हुए मोदी ने कहा, ‘‘ आप ये मत भूलिए, आपको देश देख रहा है, आपके एक-एक शब्द को देश गौर से सुन रहा है। लेकिन हर बार देश को निराशा के सिवा आपने कुछ नहीं दिया है।
उन्होंने कहा कि इस अविश्वास प्रस्ताव पर भी आपने (विपक्ष ने)कैसी चर्चा की, इससे आपके दरबारी भी बहुत दुःखी हैं।
उन्होंने कहा कि यह कालखंड काफी महत्वपूर्ण है और 140 करोड़ देशवासियों का पुरुषार्थ इस कालखंड में, अपने पराक्रम से, पुरुषार्थ से, अपनी शक्ति से और सामर्थ्य से जो करेगा..वह आने वाले 1000 साल की मजबूत नींव रखने वाला है।
मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का ये कालखंड, सदी का वो कालखंड है, जो भारत के हर सपने को सिद्ध करने का अवसर प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘ हमने देश के युवाओं को घोटालों से रहित सरकार दी है। युवाओं को खुले आसामान में उड़ने का अवसर दिया है। हम भारत की साख को नयी ऊंचाइयों पर ले गए। कुछ लोग देश की साख पर दाग लगाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दुनिया देश की साख को जान चुकी है।’’
मोदी के अनुसार, जब चारों ओर संभावनाएं हैं तो विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव की आड़ में जनता के आत्मविश्वास को तोड़ने का विफल प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि नीति आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन साल में 13.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं, भारतीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि भारत में ‘‘अत्यंत गरीबी’’ लगभग समाप्त हो गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जो दुनिया दूर से देख रही है, ये लोग यहां रहते हैं लेकिन इन्हें (वो) दिखाई नहीं देता है।’’
उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि ‘शुतुरमुर्ग वाले रवैये’ का क्या किया जा सकता है?
कांग्रेस एवं उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि नीति आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन साल में 13.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं, भारतीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि भारत में अत्यंत गरीबी लगभग समाप्त हो गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जो दुनिया दूर से देख रही है, ये लोग यहां रहते हैं लेकिन इन्हें दिखाई नहीं देता है।’’
उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि ‘शुतुरमुर्ग वाले रवैये’ का क्या किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘ये वे लोग हैं, जिन्हें देश के सामर्थ्य पर भरोसा नहीं है। इन लोगों को देश के परिश्रम पर विश्वास नहीं है। देश के पराक्रम पर विश्वास नहीं है।’’
मोदी ने कहा, ‘‘आज देश में जो मंगल हो रहा है, चारों तरफ जय-जयकार हो रही है, काले टीके के रूप में काले कपड़े पहनकर, यहां आकर आपने इस मंगल को सुरक्षित करने का काम किया है। इसके लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूं।’’
मुख्य विपक्षी दल पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पास ना नीति है, ना नीयत है, ना विजन है, ना वैश्विक अर्थव्यस्था की समझ है और ना ही भारत के अर्थजगत का पता है।’
उन्होंने कहा कि विपक्ष के साथियों का सबसे प्यारा नारा है- मोदी तेरी कब्र खुदेगी, लेकिन इनकी ये गालियां, ये अपशब्द उनके (मोदी) लिए टॉनिक का काम करते हैं।
मोदी ने कहा कि विपक्ष के लोगों को एक रहस्यमयी वरदान मिला हुआ है कि जिसका भी ये लोग बुरा चाहेंगे उसका भला ही होगा।
उन्होंने अपनी ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘ ऐसा ही एक उदाहरण आपके सामने खड़ा है। 20 साल हो गए, क्या कुछ नहीं हुआ।’’
सरकार की कल्याण एवं सुधार योजनाओं का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘ हमारी योजना और परिश्रम की निरंतरता बनी रहेगी। जिसका परिणाम होगा कि हम विश्व में तीसरे स्थान पर पहुंच कर रहेंगे।’’
उन्होंने विपक्ष को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ देश का विश्वास है कि 2028 में आप जब अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएंगे, तब ये देश पहले 3 देशों में होगा।’’
कांग्रेस सहित विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ दुनिया में कोई भारत को अपशब्द बोलता है तो इन्हें उनपर तुरंत विश्वास हो जाता है और प्रचार करने में लग जाते हैं। ये कांग्रेस की फितरत रही है।’’
उन्होंने कहा कि भारत ने आतंकवाद पर सर्जिकल स्ट्राइक की, एयर स्ट्राइक की, लेकिन इनको (कांग्रेस) को भारत की सेना पर भरोसा नहीं था, इनको भरोसा दुश्मन के दावों पर था।
उन्होंने कहा कि कश्मीर आतंकवाद की आग में दिन-रात सुलग रहा था, लेकिन कांग्रेस सरकार का कश्मीर के आम लोगों पर विश्वास नहीं था।
उन्होंने कहा कि ये (कांग्रेस) हुर्रियत, अलगाववादियों और पाकिस्तान का झंडा लेकर चलने वालों पर विश्वास करते थे।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, ‘‘कांग्रेस को परिवारवाद पसंद है, कांग्रेस को दरबारवाद पसंद है। जहां बड़े लोग, उनके बेटे-बेटियां भी बड़े पदों पर काबिज हों। यही उनकी कार्यशैली रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ मैं विपक्ष के साथियों से कहना चाहता हूं कि आप जिसके पीछे चल रहे हैं, उसके अंदर तो इस देश की जुबान और संस्कार की समझ ही नहीं बची है। पीढ़ी दर पीढ़ी ये लोग लाल मिर्च और हरी मिर्च का फर्क ही नहीं समझ पाए हैं।’’
विपक्षी गठबंधन ‘‘इंडिया’’पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ ये इंडिया गठबंधन नहीं बल्कि घमण्डिया गठबंधन है और इसकी बारात में हर कोई दूल्हा बनना चाहता है, सबको प्रधानमंत्री बनना है।’’
उन्होंने कहा कि ये ‘‘घमण्डिया’’ गठबंधन देश में परिवारवाद की राजनीति का सबसे बड़ा प्रतिबिंब है।
मोदी ने कहा कि देश के स्वाधीनता सेनानियों ने एवं संविधान निर्माताओं ने हमेशा परिवारवादी राजनीति का विरोध किया था।
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ अभी हालात ऐसे हैं, इसीलिए हाथों में हाथ। जहां हालात बदले, फिर छुरियां भी निकलेंगी।’’
मणिपुर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ विपक्ष को राजनीति के सिवाय और कुछ नहीं करना। मैं देश के सभी नागरिकों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि जिस प्रकार से प्रयास चल रहे हैं, निकट भविष्य में शांति का सूरज जरूर उगेगा। मणिपुर फिर एक बार नई आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेगा।’’
उन्होंने कहा कि अगर इन्होंने (विपक्ष) गृहमंत्री जी की मणिपुर की चर्चा पर सहमति दिखाई होती, तो अकेले मणिपुर विषय पर विस्तार से चर्चा हो सकती थी।
उन्होंने विपक्षी दलों को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवहार के अनुसार उन्हें तभी विपक्ष से सहानुभूति व्यक्त करनी चाहिए थी, लेकिन देरी में उनका कुसूर नहीं है।
मोदी ने विपक्ष से कहा, ‘‘ क्योंकि आप खुद ही एक ओर संप्रग का क्रिया-कर्म कर रहे थे और दूसरी ओर जश्न भी मना रहे थे। जश्न भी खंडहर पर नया प्लास्टर लगाने का।’’
विपक्षी गठबंधन पर प्रहार जारी रखते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ खुद को जिंदा रखने के लिए, इन्हें (विपक्ष) एनडीए (राजग) का ही सहारा लेना पड़ा है। आदत के मुताबिक घमंड का ‘आई’ इनको छोड़ता नहीं है। इसलिए राजग में 2 घमंड के ‘आई’ पिरो दिए। पहला ‘आई’ 26 दलों का घमंड और दूसरा ‘आई’ एक परिवार का घमंड।’’
उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि एनडीए भी चुरा लिया और इंडिया के भी टुकड़े कर दिए।
मोदी ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आप (विपक्ष) तैयारी करके क्यों नहीं आते... थोड़ी मेहनत कीजिए।
उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने, आपको मेहनत करने के लिए पांच साल दिया, लेकिन पांच साल में भी आप लोग तैयारी नहीं कर पाए।’’
दीपक हक वैभव माधव
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