एजेंसी न्यूज

देश की खबरें | ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ से शुरू हुआ आंदोलन ‘केजरी भ्रष्टाचार क्रांति’ में बदला : भाजपा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गिरफ्तारी के खिलाफ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने और सुनवाई के दौरान की गई टिप्पणियों को आधार बनाते हुए मंगलवार को आप संयोजक पर हमला किया और दावा किया कि ‘इंडियन अगेंस्ट करप्शन’ से शुरू हुआ आंदोलन अब ‘केजरी भ्रष्टाचार क्रांति’ में बदल गया है।

देश की खबरें | ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ से शुरू हुआ आंदोलन ‘केजरी भ्रष्टाचार क्रांति’ में बदला : भाजपा

नयी दिल्ली, नौ अप्रैल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गिरफ्तारी के खिलाफ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने और सुनवाई के दौरान की गई टिप्पणियों को आधार बनाते हुए मंगलवार को आप संयोजक पर हमला किया और दावा किया कि ‘इंडियन अगेंस्ट करप्शन’ से शुरू हुआ आंदोलन अब ‘केजरी भ्रष्टाचार क्रांति’ में बदल गया है।

भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पूछा कि क्या अब गिरफ्तारी के बाद उनके पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार बचा है?

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने उच्च न्यायालय की कई टिप्पणियों का हवाला देते हुए आम आदमी पार्टी (आप) और उसके प्रमुख पर जांच और न्यायिक प्रक्रियाओं का राजनीतिकरण करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

केजरीवाल को झटका देते हुए उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कथित आबकारी घोटाले से जुड़े धनशोधन के एक मामले में उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी और कहा कि इसमें कानूनी प्रावधानों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है।

न्यायमूर्ति स्वर्णकांत शर्मा ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय के पास पर्याप्त सामग्री थी जिसके कारण केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया और निचली अदालत ने एक सुविचारित आदेश के तहत उन्हें एजेंसी की हिरासत में भेज दिया।

न्यायमूर्ति शर्मा ने फैसला सुनाते हुए कहा, ‘‘अदालत का मानना है कि अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन नहीं है। रिमांड को अवैध नहीं ठहराया जा सकता है।’’

त्रिवेदी ने अदालत के इस रुख का हवाला दिया कि कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है और अदालतें संवैधानिक नैतिकता से संबंधित हैं, न कि राजनीतिक नैतिकता से। जाहिर तौर पर उनका इशारा केजरीवाल और आप के उस दावे की ओर था जिसमें कहा गया था कि केजरीवाल को चुनाव प्रचार अभियान से रोकने के लिए गिरफ्तार किया गया है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘आज उच्च न्यायालय ने केजरीवाल के संदर्भ में जो निर्णय दिया है, उससे तथ्यों के कठोर धरातल पर आम आदमी पार्टी का अहंकार चकनाचूर हो गया है। स्वघोषित कट्टर ईमानदार का किरदार धारदार तथ्यों के साथ पूरी तरह तार-तार हो गया है।’’

उन्होंने अदालत के फैसले का हवाला देते हुए कहा, ‘‘ईडी ने जो साक्ष्य दिए हैं, उससे साफ होता है कि अरविंद केजरीवाल शराब नीति बनाने में प्रथम सूत्रधार थे।’’

भाजपा नेता ने कहा कि अदालत के निर्णय ने केजरीवाल के एक आम आदमी के भेष को 'बेनकाब' कर दिया है क्योंकि वह राजनीति में आने के दौरान किए गए अपने कई वादों से पलट चुके हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के नेतृत्व में चलाए गए भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का जिक्र करते हुए त्रिवेदी ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब ‘केजरी भ्रष्टाचार क्रांति’ में बदल गया है।

केजरीवाल तब एक कार्यकर्ता थे। इस आंदोलन के जरिए उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और फिर आम आदमी पार्टी का गठन हुआ। बाद में यह पार्टी राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता में आई।

त्रिवेदी ने कहा, ‘‘भारतीय राजनीति में शायद एक दशक में ऐसी गिरावट कभी नहीं आई।’’

उन्होंने जेल में बंद केजरीवाल के समर्थन में रैली करने और मोदी सरकार पर विपक्ष को कमजोर करने के लिए जांच एजेंसियों को हथियार बनाने का आरोप लगाने के लिए विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ पर भी कटाक्ष किया।

सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल ने दिल्ली को शर्मसार किया, धोखा दिया और लूटा है।

उन्होंने कहा, ‘‘केजरीवाल ने दिल्ली को शर्मसार किया। दिल्लीवासी होने के नाते दुख है कि आज दिल्ली सिर्फ केजरीवाल के कारण कलंकित हुई है। क्या अब कुर्सी पर बने रहने का उनका कोई नैतिक अधिकार बचा है।’’

ब्रजेन्द्र

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 09, 2024 06:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).