देश की खबरें | दिल्ली वक्फ बोर्ड के सदस्यों ने अध्यक्ष के खिलाफ उपराज्यपाल को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा

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नयी दिल्ली, चार मार्च दिल्ली वक्फ बोर्ड के सात सदस्यों में से चार ने शुक्रवार को अध्यक्ष अमानतुल्ला खान के खिलाफ उपराज्यपाल कार्यालय में अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपा, जिसमें उन पर भ्रष्टाचार, अवैध तरीके से भर्ती और मनमानी के आरोप लगाए गए हैं।

चारों सदस्यों ने उपराज्यपाल अनिल बैजल से अविश्वास प्रस्ताव पर फैसला करने के लिए 18 दिनों के अंदर बोर्ड की बैठक बुलाने का अनुरोध किया है। ओखला से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक खान ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को 'गलत' करार दिया।

खान ने पलटवार करते हुए कहा, “मुझ पर बेईमान होने का आरोप लगाने वाले खुद भ्रष्ट हैं। मेरे पास उनके खिलाफ सबूत हैं।''

कांग्रेस के पूर्व सांसद और दिल्ली वक्फ बोर्ड के सदस्य परवेज हाशमी ने कहा कि नोटिस पर चार सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें से दो को 'आप' सरकार ने ही मनोनीत किया था।

अविश्वास प्रस्ताव नोटिस पर हाशमी के अलावा चौधरी शरीफ अहमद, रजिया सुल्ताना और नईम फातिमा काजमी ने हस्ताक्षर किए हैं। उनकी ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

सूत्रों ने कहा कि खान बोर्ड की संपत्तियों से मिलने वाले किराए को सुव्यवस्थित करके बोर्ड के राजस्व को बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि बोर्ड धन की कमी के कारण अपने संविदा कर्मचारियों और इमामों के वेतन का भुगतान करने में असमर्थ है।

सूत्रों ने बताया कि इमामों ने 11 महीने से लंबित अपने वेतन की मांग को लेकर हाल में वक्फ बोर्ड कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया था। पिछले साल संविदा कर्मचारियों ने भी अपना बकाया चुकाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। इन संविदा कर्मचारियों का तीन से चार महीनों का वेतन लंबित है।

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