लॉस एंजिलिस क्षेत्र के मेयरों ने ट्रंप प्रशासन से आप्रवासियों के खिलाफ छापेमारी रोकने की मांग की

उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के कारण उनके शहरों में भय फैल गया है और पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. हालांकि, इस बात का कोई संकेत नहीं मिला है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उनकी मांग को कोई तवज्जो देंगे. लॉस एंजिलिस क्षेत्र के मेयर और शहरी परिषद के सदस्यों ने ट्रंप प्रशासन से छापेमारी के दौरान आव्रजन एजेंटों के साथ सशस्त्र सैनिकों की तैनाती को रोकने की भी मांग की है.

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उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के कारण उनके शहरों में भय फैल गया है और पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. हालांकि, इस बात का कोई संकेत नहीं मिला है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उनकी मांग को कोई तवज्जो देंगे. लॉस एंजिलिस क्षेत्र के मेयर और शहरी परिषद के सदस्यों ने ट्रंप प्रशासन से छापेमारी के दौरान आव्रजन एजेंटों के साथ सशस्त्र सैनिकों की तैनाती को रोकने की भी मांग की है. पैरामाउंट की उप महापौर ब्रेंडा ओल्मोस ने कहा, “मैं आपसे गुहार लगाती हूं कि कृपया मेरी बात सुनिए, हमारे क्षेत्र के निवासियों को डराना बंद कीजिए.”

संवाददाता सम्मेलन के दौरान अन्य मेयरों के साथ मौजूद लॉस एंजिलिस की मेयर और डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता केरन बास ने कहा कि व्हाइट हाउस के इशारे पर छापेमारी के जरिये खौफ फैलाया जा रहा है. लॉस एंजिलिस में मंगलवार को रात्रि कर्फ्यू शुरू हुआ, जो शहर के 2.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में आवश्यकता होने तक लागू रहेगा. लॉस एंजिलिस क्षेत्र का क्षेत्रफल लगभग 1,295 वर्ग किलोमीटर है. बास ने कहा, “अगर छापेमारी जारी रही, अगर सैनिक हमारी सड़कों पर तैनात रहे, तो मुझे लगता कि कर्फ्यू जारी रहेगा.” यह भी पढ़ें : UP: उत्तर प्रदेश के बागपत में मुठभेड़ के बाद 25 हजार रुपये का इनामी वांछित अपराधी गिरफ्तार

कैलिफॉर्निया के गर्वनर गेविन न्यूसम ने संघीय अदालत से छापेमारी की कार्रवाई में सैनिकों के इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगाने की अपील की.इस बीच पुलिस विभाग के अनुसार, लॉस एंजिलिस पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों को लेकर शनिवार से अब तक लगभग 400 लोगों को गिरफ्तार और हिरासत में लिया है. पुलिस के अनुसार, अधिकांश लोगों को कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुरोधों की अवहेलना करके क्षेत्र छोड़कर नहीं जाने के कारण गिरफ्तार किया गया है.

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