जरुरी जानकारी | निजी बैंकों के शेयरों में बिकवाली से बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 366 अंक और टूटा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. स्थानीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 365 अंक से अधिक के नुकसान में रहा। एशियाई और यूरोपीय बाजारों के नकारात्मक रुख के बीच बैंक, दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली तथा औषधि कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से दोनों मानक सूचकांक नुकसान में रहे।
मुंबई, 11 अगस्त स्थानीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 365 अंक से अधिक के नुकसान में रहा। एशियाई और यूरोपीय बाजारों के नकारात्मक रुख के बीच बैंक, दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली तथा औषधि कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से दोनों मानक सूचकांक नुकसान में रहे।
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा और अचानक से बैंकों से अतिरिक्त नकदी निकालने की घोषणा के बाद बाजार में धारणा कमजोर बनी हुई है।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 365.53 अंक यानी 0.56 प्रतिशत की गिरावट के साथ 65,322.65 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 413.57 अंक तक लुढ़क गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 114.80 अंक यानी 0.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19,428.30 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के शेयरों में इंडसइंड बैंक, एनटीपीसी, एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, जेएसडब्ल्यू स्टील, टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, इन्फोसिस, विप्रो, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक और टाटा मोटर्स प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।
दूसरी तरफ लाभ में रहने वाले शेयरों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, पावरग्रिड, टाइटन, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, भारतीय स्टेट बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा शामिल हैं।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘घरेलू बाजार में बिकवाली दबाव बना हुआ है। आरबीआई के बैंकों से अतिरिक्त नकदी लेने के उपाय से बैंक शेयरों में गिरावट जारी रही।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुद्रास्फीति को लेकर चिंता बढ़ने से धारणा पर असर पड़ा। अमेरिका में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति उम्मीद के मुकाबले कम रही और ब्रिटेन में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर अनुमान से अधिक रहने के बावजूद वैश्विक धारणा प्रतिकूल बनी हुई है।’’
आरबीआई ने बृहस्पतिवार को लगातार तीसरी बार नीतिगत दर रेपो में कोई बदलाव नहीं किया। हालांकि, खाद्य मुद्रास्फीति बढ़ने से कुल महंगाई बढ़ती है, तो केंद्रीय बैंक ने कड़े कदम उठाने के संकेत दिया है। साथ ही बैंकों से अतिरिक्त नकदी लेने के लिये वृद्धिशील नकद आरक्षित अनुपात (आई-सीआरआर) बढ़ाकर शुद्ध मांग और देनदारी (एनडीटीएल) का 10 प्रतिशत कर दिया है।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (तकनीकी शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘बाजार में दबाव रहा और यह आधा प्रतिशत से अधिक नुकसान में रहा। बाजार में लगातार तेजी के बाद ‘करेक्शन’ जारी है।
बीएसई ‘स्मॉलकैप’ 0.31 प्रतिशत नीचे आया जबकि ‘मिडकैप’ में 0.13 प्रतिशत की गिरावट आई।
साप्ताहिक आधार पर बीएसई सेंसेक्स 398.6 अंक तथा एनएसई निफ्टी 88.7 अंक नुकसान में रहे।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग के हैंगसेंग में गिरावट रही।
यूरोपीय बाजार में शुरुआती कारोबार में गिरावट का रुख रहा। अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को लाभ में रहे थे।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बृहस्पतिवार को 331.22 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85.91 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 11, 2023 06:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

