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Rajasthan: सीएम अशोक गहलोत का बड़ा बयान, कहा- केंद्र की बात मानी तो प्यासी रह जाएगी 13 जिलों की जमीन

मुख्यमंत्री ने यहां एक बयान में कहा कि परियोजना की डीपीआर को तत्कालीन भाजपा सरकार ने ही वर्ष 2017 में केन्द्र सरकार के उपक्रम वेप्कोस लिमिटेड के जरिए तैयार करवाई थी. उन्होंने कहा कि परियोजना की डीपीआर उस समय राजस्थान नदी घाटी प्राधिकरण के अध्यक्ष श्रीराम वेदिरे की देखरेख में बनाई गयी थी और वर्तमान में वेदिरे केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय में सलाहकार भी हैं.

Rajasthan: सीएम अशोक गहलोत का बड़ा बयान, कहा- केंद्र की बात मानी तो प्यासी रह जाएगी 13 जिलों की जमीन
राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत (Photo Credit : ANI)

जयपुर: राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने शनिवार को कहा कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) को राष्ट्रीय महत्व की परियोजना घोषित करने में कोई अड़चन नहीं है क्योंकि परियोजना से संबधित सभी मापदंड केन्द्रीय जल आयोग के दिशा निर्देश के अनुरूप ही रखे गये थे. गहलोत ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) द्वारा ईआरसीपी की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPT) को लेकर कही जा रही बातों पर आश्चर्य जताया है. Rajasthan के CM अशोक गहलोत का बड़ा ऐलान- 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को लगेगी मुफ्त कोरोना वैक्सीन

मुख्यमंत्री ने यहां एक बयान में कहा कि परियोजना की डीपीआर को तत्कालीन भाजपा सरकार ने ही वर्ष 2017 में केन्द्र सरकार के उपक्रम वेप्कोस लिमिटेड के जरिए तैयार करवाई थी. उन्होंने कहा कि परियोजना की डीपीआर उस समय राजस्थान नदी घाटी प्राधिकरण के अध्यक्ष श्रीराम वेदिरे की देखरेख में बनाई गयी थी और वर्तमान में वेदिरे केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय में सलाहकार भी हैं.

गहलोत के अनुसार केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के सलाहकार के मार्गदर्शन में बनी इस डीपीआर पर जल शक्ति मंत्री द्वारा सवाल उठाने का कोई औचित्य समझ नहीं आता है. उन्होंने कहा कि इस परियोजना से संबंधित सभी मापदंड केन्द्रीय जल आयोग की दिशा निर्देश के अनुरूप ही रखे गये थे और शेखावत द्वारा प्रस्तावित मापदण्ड परिवर्तन से पूर्वी राजस्थान के किसानों को सिंचाई का पानी उपलब्ध नहीं हो पाएगा.

मुख्यमंत्री के अनुसार पूर्वी राजस्थान में दो लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मिलने वाली सिंचाई सुविधा से किसानों को वंचित नहीं किया जा सकता है. उन्होंने दावा किया कि अगर केन्द्र सरकार की बात मानी तो पूर्वी राजस्थान का हाल बुन्देलखंड जैसा हो जाएगा और 13 जिलों के किसानों की भूमि प्यासी रह जाएगी.

गहलोत ने कहा कि राजस्थान राज्य के लिए यह परियोजना अति महत्वपूर्ण है, जिससे राज्य के 13 जिलों में पेयजल, सिंचाई, उद्योगों हेतु जल की आवश्यकताओं की पूर्ति होगी और इसके महत्व को देखते हुए राज्य सरकार इसके क्रियान्वयन के लिए कटिबद्ध है.

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 30, 2022 10:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).