जरुरी जानकारी | कर्नाटक सरकार ने आईटी क्षेत्र में कामकाजी घंटे बढ़ाने का प्रस्ताव वापस लिया: कर्मचारी संघ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आईटी-आधारित सेवाओं (आईटीईएस) क्षेत्र में दैनिक कामकाज के घंटे बढ़ाने का प्रस्ताव वापस लेने का फैसला किया है। कर्नाटक राज्य आईटी/आईटीईएस कर्मचारी संघ (केआईटीयू) ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

बेंगलुरु, 29 जुलाई कर्नाटक सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आईटी-आधारित सेवाओं (आईटीईएस) क्षेत्र में दैनिक कामकाज के घंटे बढ़ाने का प्रस्ताव वापस लेने का फैसला किया है। कर्नाटक राज्य आईटी/आईटीईएस कर्मचारी संघ (केआईटीयू) ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

राज्य के श्रम मंत्री संतोष लाड के कार्यालय से जुड़े सूत्रों ने भी इस निर्णय की पुष्टि की है कि कर्मचारियों के कामकाज के घंटे न बढ़ाने का फैसला किया गया है।

कर्मचारी संगठन ने कहा कि राज्य के अतिरिक्त श्रम आयुक्त जी. मंजूनाथ ने एक बैठक में बताया कि कर्नाटक दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान (संशोधन) विधेयक, 2025 को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

प्रस्तावित विधेयक में दैनिक कामकाज का समय बढ़ाकर 12 घंटे करने का प्रावधान किया गया था। फिलहाल यह समय ओवरटाइम को मिलाकर अधिकतम 10 घंटे का है।

आईटी कर्मचारियों के संगठन ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि यह बदलाव कर्मचारियों की निजी जिंदगी और अधिकारों पर सीधा हमला होगा।

केआईटीयू ने यह आरोप भी लगाया था कि नियम में इस संशोधन से दिन में दो पालियों में काम लेने के मॉडल को बढ़ावा मिलेगा जिससे एक-तिहाई कर्मचारियों की नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं।

श्रम विभाग की तरफ से 18 जून को आयोजित एक बैठक में इस विधेयक का प्रारूप पेश किया गया था।

कर्नाटक में कार्यरत आईटी एवं आईटीईएस कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन केआईटीयू ने उसके बाद से ही इस प्रस्ताव का पुरजोर विरोध किया है।

श्रमिक संगठन के महासचिव सुहास अडिगा ने कहा, “लगातार डेढ़ महीने तक चले हमारे विरोध के चलते सरकार को यह कदम पीछे लेना पड़ा है।”

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