देश की खबरें | आईसीयू में कथित बिजली आपूर्ति ठप होने से दो मरीजों की मौत का मामला विधानसभा में गूंजा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक में बेल्लारी के एक अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में दो मरीजों की कथित तौर पर बिजली कटौती के चलते मौत होने का मामला बृहस्पतिवार को राज्य विधानसभा में गूंजा।
बेल्लारी/बेगंलुरु, 15 सितंबर कर्नाटक में बेल्लारी के एक अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में दो मरीजों की कथित तौर पर बिजली कटौती के चलते मौत होने का मामला बृहस्पतिवार को राज्य विधानसभा में गूंजा।
कर्नाटक सरकार ने इस आरोप से इनकार किया और कहा कि वह इस मामले की जांच कराने को तैयार है।
बेल्लारी स्थित ‘विजयनगर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ (वीआईएमएस) में किडनी संबंधी बीमारियों से पीड़ित मौला हुसैन (35) और सर्पदंश की शिकार चेट्टम्मा (30) की बुधवार को सुबह क्रमश: नौ बजकर 30 मिनट और नौ बजकर 35 मिनट पर मौत हो गई।
कुछ खबरों में सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बिजली कटौती और एक खराब बिजली जनरेटर को इन मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।
आरोपों को खारिज करते हुए वीआईएमएस और सरकार ने कहा कि मरीजों की मौत बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण नहीं हुई और बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध थी।
विधानसभा में विपक्षी दल कांग्रेस ने दावा किया कि सरकार की कथित लापरवाही के कारण तीन लोगों की मौत हुई। विपक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर से इस्तीफा देने की मांग की।
शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष सिद्धरमैया ने कहा कि सुबह आठ से साढ़े 10 बजे तक बिजली कटौती हुई थी और इस दौरान जनरेटर भी काम नहीं कर रहा था। विपक्षी कांग्रेस ने दावा किया कि वास्तव में सरकार की ओर से कथित लापरवाही के कारण तीन लोगों की मौत हुई। पार्टी ने स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर से इस्तीफा देने की मांग की।
शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए, विपक्ष के नेता सिद्धरमैया ने कहा कि सुबह 8 बजे से 10:30 बजे तक बिजली कटौती हुई थी और साथ ही जनरेटर भी काम नहीं कर रहा था, जिसके चलते आईसीयू में वेंटिलेटर ने काम नहीं किया और तीन लोगों की मौत हो गई।
वहीं, बेल्लारी जिला प्रभारी मंत्री बी. श्रीरामुलु ने सरकार की ओर से जवाब देते हुए दोनों मरीजों की मौत के कारणों का विवरण दिया और कहा कि मरीजों की मौत का कारण बिजली आपूर्ति ठप होना नहीं था।
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