देश की खबरें | दल बदल कानून के मुद्दे पर कानूनी एवं अन्य विशेषज्ञों से और चर्चा की जायेगी : बिरला
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नयी दिल्ली, 15 जुलाई लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को कहा कि दलबदल विरोधी कानून को मजबूत बनाने के लिए पीठासीन अधिकारियों, संवैधानिक एवं कानूनी विशेषज्ञों तथा अन्य हितधारकों से और विचार विमर्श किया जायेगा।
लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने देश के विधायी निकायों के पीठासीन अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता की जिसमें दल-बदल विरोधी कानून को मजबूत करने, विधायिकाओं में गरिमापूर्ण ढंग से चर्चा करने, विधानसभाओं की न्यूनतम बैठकों की संख्या जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई ।
बैठक के बाद बिरला ने संवाददाताओं से कहा कि इसमें दल-बदल विरोधी कानून के बारे में चर्चा हुई । इस विषय पर गठित समिति ने यह राय व्यक्त की है कि इस पर कानूनी एवं अन्य विशेषज्ञों से और राय ली जाए ।
उन्होंने कहा कि सभी विधानसभा अध्यक्षों का यह मत रहा है कि वे निष्पक्षता से और निर्विवाद रूप से अपनी अपनी संस्थाओं में काम करना चाहते हैं।
बिरला ने कहा कि पूर्व में बैठकों में पीठासीन अधिकारियों ने यह राय व्यक्त की थी कि हमारे अधिकार असीमित हैं और उन्हें सीमित किया जाए ।
इस विषय पर समिति की रिपोर्ट के बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि समिति ने यह राय व्यक्त की कि इस विषय पर अभी विशेषज्ञों से और परामर्श किया जाए ।
ज्ञात हो कि इस विषय पर राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया था।
इस विषय पर पूछे जाने पर जोशी ने ‘’ से कहा कि उन्होंने रिपोर्ट सौंप दी है और अभी इस विषय पर आगे कुछ कहना उनके लिये उचित नहीं है।
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