विदेश की खबरें | ईरानी राष्ट्रपति ने संरा की परमाणु एजेंसी के साथ सहयोग निलंबित करने का आदेश दिया : सरकारी मीडिया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. ईरान की संसद ने आईएईए के साथ सहयोग निलंबित करने के संबंध में एक कानून पारित किया था, जिसके बाद यह फैसला लिया गया है। इस कानून को संवैधानिक निगरानी निकाय की मंजूरी भी मिल गई है।
ईरान की संसद ने आईएईए के साथ सहयोग निलंबित करने के संबंध में एक कानून पारित किया था, जिसके बाद यह फैसला लिया गया है। इस कानून को संवैधानिक निगरानी निकाय की मंजूरी भी मिल गई है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस कदम के संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था आईएईए के लिए क्या मायने हैं।
विएना स्थित यह एजेंसी वर्षों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम की निगरानी करती आ रही है। एजेंसी ने अभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
कानून पारित होने के बाद ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को इस विधेयक के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, इस परिषद ने सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा है, लेकिन चूंकि राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान इस परिषद के अध्यक्ष हैं, इसलिए उनका यह कथित आदेश इस ओर संकेत करता है कि विधेयक को लागू किया जाएगा।
हालांकि, ईरान की धर्मतांत्रिक सरकार के तहत परिषद को विधेयक को अपनी सुविधानुसार लागू करने की स्वतंत्रता है। इसका मतलब यह है कि संसद की ओर से सुझाई गई हर बात को पूरी तरह से लागू करना जरूरी नहीं है।
ईरान और वैश्विक शक्तियों के बीच 2015 में हुआ परमाणु समझौता ईरान को 3.67 प्रतिशत तक यूरेनियम संवर्धन की अनुमति देता था, जो किसी परमाणु बिजली संयंत्र के संचालन के लिए पर्याप्त है, लेकिन यह हथियारों के निर्माण के लिए आवश्यक यूरेनियम (90 प्रतिशत) की मात्रा से बहुत कम था। यह समझौता अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुआ था।
बहरहाल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2018 में अपने पहले ही कार्यकाल में एकतरफा तरीके से इस समझौते को खत्म कर दिया था। उन्होंने कहा था कि यह समझौता ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर लगाम नहीं लगाता है।
समझौते के समाप्त होने के बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है।
ईरान तब से 60 प्रतिशत तक यूरेनियम संवर्धन कर चुका है। उसके पास इतना यूरेनियम भंडार भी है, जिससे वह चाहे तो कई परमाणु बम बना सकता है।
ईरान लंबे समय से दावा करता आया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, लेकिन आईएईए, पश्चिमी खुफिया एजेंसियों और अन्य का कहना है कि तेहरान के पास 2003 तक एक संगठित परमाणु हथियार कार्यक्रम था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 02, 2025 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

