देश की खबरें | त्रिपुरा में शिक्षक-छात्र अनुपात में ‘बड़े अंतर’ को दूर किया जाएगा: मुख्यमंत्री
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रदेश सरकार विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य में शिक्षक-छात्र अनुपात में ‘बड़े अंतर’ को दूर करेगी।
अगरतला, दो जनवरी त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रदेश सरकार विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य में शिक्षक-छात्र अनुपात में ‘बड़े अंतर’ को दूर करेगी।
मुख्यमंत्री ने गोमती जिले में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को ठीक से लागू करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा, “हम अपने विद्यार्थियों को अच्छी तरह से तैयार करने के लिए परिकल्पित राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। (त्रिपुरा में) शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच एक बड़ा अंतर रहा है। कई विद्यालयों में प्रधानाध्यापक नहीं हैं। मैंने इस कमी को दूर करने के लिए शिक्षा और वित्त विभागों के सचिवों से बात की है।”
शिक्षा विभाग का भी प्रभार संभाल रहे साहा ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा, “पहले हम पश्चिम बंगाल बोर्ड और कलकत्ता विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम पढ़ाते थे, जिसके परिणामस्वरूप विद्यार्थियों को राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय परीक्षाओं में प्रतिस्पर्धा करने के लिए अधिक अध्ययन करना पड़ता था। अब यह समस्या दूर हो गई है। सरकार ने पहले ही एनसीईआरटी पाठ्यक्रम शुरू कर दिया है, जिससे राज्य के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में प्रतिस्पर्धा करने में बढ़त मिल रही है।”
मुख्यमंत्री ने पूर्वोत्तर राज्य में शिक्षा क्षेत्र में हुए विकास को भी रेखांकित किया।
उन्होंने कहा, “वर्तमान में राज्य में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित एमबीबी विश्वविद्यालय और त्रिपुरा विश्वविद्यालय के अलावा छह निजी विश्वविद्यालय हैं। अब राज्य के बाहर से भी छात्र यहां पढ़ने के लिए आ रहे हैं।”
त्रिपुरा विश्वविद्यालय केंद्र सरकार द्वारा संचालित है।
साहा ने नौवीं कक्षा की छात्राओं को मुफ्त साइकिल वितरित किए जाने की पहल को भी रेखांकित किया।
उन्होंने कहा, “छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए शिक्षा विभाग ने पिछले साल नौवीं कक्षा की छात्राओं के बीच 1.30 लाख साइकिलें बांटी हैं। एक छात्रा के लिए साइकिल बहुत मायने रखती है, जिससे वह आसानी से स्कूल जा सकती है।”
जितेंद्र अविनाश
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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 02, 2025 07:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

