देश की खबरें | मप्र के गृह मंत्री ने पेट्रोल-डीजल की महंगाई का ठीकरा पिछली कमलनाथ सरकार पर फोड़ा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की महंगाई के लिए पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने शुक्रवार को कहा कि मौजूदा शिवराज सिंह चौहान सरकार ने इन ईंधनों पर कर नहीं बढ़ाया है।

इंदौर, नौ जुलाई मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की महंगाई के लिए पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने शुक्रवार को कहा कि मौजूदा शिवराज सिंह चौहान सरकार ने इन ईंधनों पर कर नहीं बढ़ाया है।

मिश्रा ने इंदौर में संवाददाताओं से कहा, "पेट्रोल-डीजल पर चौहान सरकार ने पिछले 15 महीने में कोई भी कर नहीं बढ़ाया है। पेट्रोल-डीजल पर कमलनाथ सरकार ने कर बढ़ाए थे, जबकि कांग्रेस ने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणा पत्र में वादा किया किया था कि सत्ता में आने पर वह इन ईंधनों पर कर घटाएगी।"

उन्होंने कहा, "पिछले 30 महीनों के दौरान (15 महीने चली कांग्रेस सरकार के मुखिया के रूप में) कमलनाथ और इसके बाद कोरोना वायरस, दोनों ने प्रदेश के विकास को बुरी तरह प्रभावित किया।"

कारोबारी सूत्रों ने बताया कि इंदौर में शुक्रवार को पेट्रोल 108.95 रुपये और डीजल 98.49 रुपये प्रति लीटर की दर पर बिका।

गृह मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस का प्रकोप समाप्ति की ओर है। उन्होंने कहा, "महामारी को पूरी तरह कुचलने के लिए हमने प्रदेश में प्रतिदिन 70,000 से ज्यादा लोगों की जांच कराने का निर्णय किया है।"

राज्य में लंबे समय से टलते आ रहे नगर निकाय चुनावों के बारे में पूछे जाने पर मिश्रा ने कहा कि उन्हें फिलहाल इन चुनावों की कोई संभावना नहीं लगती। उन्होंने हालांकि अपनी बात में तुरंत जोड़ा कि जब तक न्यायपालिका और निर्वाचन आयोग सरीखी संवैधानिक संस्थाएं कोरोना वायरस संक्रमण काल में देश में चुनाव कराने के बारे में दिशा-निर्देश घोषित नहीं कर देतीं, वह इस बारे में कुछ भी नहीं कहना चाहते।

मिश्रा, इंदौर जिले के प्रभारी मंत्री बनने के बाद पहली बार इंदौर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एक बैठक में जिले में महामारी की स्थिति की समीक्षा की।

उन्होंने बैठक के बाद बताया कि महामारी की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर इंदौर के अस्पतालों में 10,000 से ज्यादा बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही, गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए 1,500 बिस्तरों का अलग इंतजाम किया गया है।

प्रभारी मंत्री ने यह भी बताया कि इंदौर में कोविड-19 से दम तोड़ने वाले सरकारी कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों को एक महीने के भीतर अनुकंपा नियुक्ति दे दी जाएगी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\