जरुरी जानकारी | अग्रणी खुदरा निवेशकों के वारिसों ने निवेश पर नजर नहीं रखी, अब विरासत के लिए संघर्ष: बुच

मुंबई, 20 फरवरी भारत के पूंजी बाजारों में सबसे पहले दांव लगाने वाले अग्रणी खुदरा निवेशकों के वारिसों को अब इस निवेश से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सेबी की चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।

उन्होंने कहा कि पूंजी बाजार नियामक विरासत को आसान बनाने के लिए बहुत मेहनत कर रहा है, हालांकि यह भी एक वास्तविकता है कि निवेशकों के गुजर जाने के बाद नई समस्याओं का पता चल रहा है।

बुच ने कहा, ‘‘वह पीढ़ी अब गुजर रही है और वारिसों को ये शेयर विरासत में मिल रहे हैं। इसके साथ ही कुछ ऐसी समस्याएं सामने आ रही हैं, जो 20 साल पहले तक कोई मुद्दा नहीं था। ऐसा इसलिए है क्योंकि वारिसों को यह पता नहीं कि निवेश कहां हैं, उन तक कैसे पहुंच सकते हैं।’’

उन्होंने निवेशकों की इस पीढ़ी की सराहना की और उन्हें अग्रणी निवेशक नाम दिया, जिन्होंने पूंजी बाजार में सबसे पहले दांव लगाया था।

डिपॉजिटरीज एनएसडीएल और सीडीएसएल के एकीकृत निवेशक ऐप की पेशकश के मौके पर बुच ने कहा कि नया मंच एक ही निवेशक की सभी शेयरधारिता को एक साथ लाता है, जिससे उत्तराधिकारियों को मदद मिलेगी।

बुच ने कहा कि ऐसी सुविधा अब तक केवल बड़े निवेशकों के लिए ही उपलब्ध थी और डिपॉजिटरी ने आम निवेशकों के लिए पहुंच को आसान बनाया है।

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